हार्डवेयर चौक का जाम बना यातायात का सिरदर्द
कमल किशोर फरीदाबाद । शहर के व्यस्ततम चौराहों में से एक हार्डवेयर चौक दिन भर जाम की स्थिति से जूझता है, इसका कारण वाहनों की अधिकता नहीं बल्कि प्रशासन की हरामखोरी और काहिली है। बाटा चौक से प्याली चौक तक और सोहना मोड़ से बीके चौक तक फोर लेन होने के बावजूद हमेशा जाम का कारण ठीक चौक पर गड्ढों में बदल चुकी सड़क है, दूसरा कारण सड़क किनारे पार्क किए जाने वाले ट्रक-ट्रॉलर व अन्य चार पहिया वाहन हैं, जिनके कारण सड़क संकरी होती है, तीसरा कारण स्लिप रोड का अभाव है जिसके कारण बाहर से ही निकल सकने वाले वाहनों को भी हार्डवेयर चौक पर जाम में उलझना पड़ता है जिससे हालात ज्यादा बिगड़ जाते हैं।
सेक्टर 22 निवासी विजय कहते हैं कि औद्योगिक और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हार्डवेयर चौक से रोज़ हजारों गाडिय़ां, ट्रक, ऑटो, और बाइकें गुजरती हैं। हर समय यहां लंबा जाम, शोर-शराबा और अव्यवस्था आम बात बन चुकी है। उनके अनुसार हार्डवेयर चौक पर जाम का सबसे बड़ा कारण जर्जर सड़कें हैं। चौक के चारों ओर और बीचोंबीच बड़े-बड़े गड्ढे है, इनके कारण चालक वाहन को रेंगते हुए लेकर गुजरने को मजबूर होते हैं। बारिश मेें तो हालात बदतर हो जाते हैं। जलभराव के कारण गड्ढा़ें में उलझ कर दोपहिया वाहन चालकों का गिरना आम बात हो चुकी है। पानी भरे गड्ढों के कारण चौक पर यातायात लगभग रुक सा जाता है।
जाम लगने का दूसरा सबसे बड़ा कारण यातायात पुलिस का ट्रैफिक व्यवस्था में रुचि नहीं लेना है। सुधीर कुमार कहते हैं कि हार्डवेयर चौक पर पुलिस ने अवैध रूप से कमरा बनाकर वह जगह घेर ली है जहां से स्लिप रोड गुजरनी चाहिए थी। ट्रैफिक प्रबंधन के बजाय यातायात पुलिस इसी कमरे में बैठ कर आराम करती दिखाई देती है। यातयात पुलिस वाले यहां तब ही सक्रिय होते हैं जब उन्हें चालान काटने का टारगेट पूरा करना होता है। अब ठीक चौराहे पर वाहनों को रोक कर किनारे करने की कवायद में यातायात और भी धीरा हो जाता है, देखते ही देखते जाम लगना यहां आम बात है। चालान काटने में मशगूल ट्रैफिक पुलिस यहां तब ही सक्रिय होती है जब जाम आधा पौन किलोमीटर दूर तक पहुंच जाए।
एक यातायात पुलिस कर्मी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिस तरह यहां जाम लगता है उसे सारा दिन खुलवाने में डीजल, पेट्रोल का धुआं खाकर सांस का मर्ज कौन मोल ले, इसलिए जितना जरूरी होता है बस उतना ही काम किया जाता है, वाहन चालक खुद समझदार हैं जाम लगने पर आगे पीछे कर निकल ही जाते हैं। सुधीर कुमार कहते हैं कि हार्डवेयर चौक को जाम मुक्त करने के लिए चारों ओर स्लिप रोड का होना बहुत जरूरी है। मसलन सेक्टर 22 की ओर जाने वाले को चौक पर जाने के बजाय पहले ही स्लिप रोड द्वारा उधर निकाल देना चाहिए। इसी तरह 22 सेक्टर से आकर प्याली चौक की ओर जाने वालों को भी स्लिप रोड से निकाल कर जाम को बचाया जा सकता है।
इसी तरह प्याली चौक से एक-दो चौक जाने वालों के लिए स्लिप रोड बनने से चौक की भीड़ बचाई जा सकती है। लेकिन हरामखोर प्रशासन के निकम्मे अधिकारियों को आम जनता की समस्या से कोई सरोकार नहीं है, अन्यथा स्लिप रोड बना कर हमेशा के लिए हार्डवेयर चौक पर जाम की समस्या हल की जा सकती है। जाम की मुख्य वजह बाटा पुल से हार्डवेयर चौक तक सड़क के दोनों ओर बड़े बड़े वाहनों की चौबीसों घंटे पार्किंग है। इन वाहनों के खड़े रहने से सड़क इतनी संकरी हो जाती है कि वाहन एक दूसरे के पीछे चलने को मजबूर होते हैं, नतीजा जाम के रूप में सामने आता है। विजय कहते हैं कि यदि चालक भी लेन चेंज न करें और जाम की स्थिति में आगे निकलने की होड़ में यातायात व्यवस्था और न खराब करें तो सबको थोड़ी राहत होगी, लेकिन जाम खत्म करने के लिए यातायात पुलिस और उससे ज्यादा प्रशासन को सड़क दुरुस्त करानी चाहिए, स्लिप रोड बनने से भी हालात में सुधार होगा।