सत्यवीर सिंह एक हाथ में लाल झंडा, दूसरे हाथ की मुट्ठी दृढ़ता से बंधी हुई, चहरे पर आक्रोश और जुबां पर ‘इंक़लाब जिंदाबाद’; हद्दे-नजऱ तक, अनुशासित क़तार बद्ध, बे-खौफ़; दिल्ली