राम पुनियानी पिछले चार दशकों के दौरान भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने और डराने-धमकाने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ती गई है. बाबरी मस्जिद के ढ़हाए जाने के बाद मुंबई
राम पुनियानी 2024 के चुनाव के ठीक पहले तक, खासतौर से राहुल गांधी, जाति जनगणना की ज़रुरत पर लगातार जोर देते रहे. विपक्ष के कई नेताओं ने उनका समर्थन किया.
वक्फ अधिनियम में संशोधन राम पुनियानी वक्फ अधिनियम को संशोधित कर दिया गया है. संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किए जाने और राष्ट्रपति का अनुमोदन हासिल होने के बाद
राम पुनियानी संघ परिवार द्वारा 1992 में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद से जो सैकड़ों साल पहले हुआ था वह अचानक समाज में चर्चा का मुख्य विषय बन गया
राम पुनियानी वी-डेम इंस्टिट्यूट की भारत के संबंध में रपट, जो द हिंदू में प्रकाशित की गई है, में कहा गया है कि “यह रेखांकित करते हुए कि लोकतंत्र के
राम पुनियानी भाजपा के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने देश के 12,000 साल पुराने इतिहास का दस्तावेजीकरण करने के लिए एक समिति बनाई है. जब डीएनए व आनुवांशिकी अध्ययनों से
राम पुनियानी तवलीन सिंह एक जानी-मानी स्तंभ लेखक हैं.) गत 8 दिसंबर 2024 को द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित उनके कॉलम में उन्होंने अफगानिस्तान में महिलाओं के चिकित्सा विज्ञान पढऩे
राम पुनियानी सन 1980 के दशक में देश में शांति-व्यवस्था और प्रगति पर गम्भीर हमले हुए. साम्प्रदायिक ताकतों के हाथ एक नया औज़ार लग गया. वे देश के पूजास्थलों के
राम पुनियानी आरएसएस-भाजपा और उनसे जुड़े संगठन हर मौके का उपयोग अल्पसंख्यकों के दानवीकरण के लिए करते आए हैं। यद्यपि नफरत फैलाने वाले भाषण देना अपराध है, और उसके लिए
राम पुनियानी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान के दौरान भाजपा के शीर्ष नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडऩवीस ने अपनी पार्टी के नजरिए को साफ़ कर