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Tag "prafulla kolkhyan"

मुठभेड़ की राजनीति और लोकतंत्र में मनमानापन

प्रफुल्ल कोलख्यान व्यापार और राजनीति दोनों ही ‘लुका-छिपी का खेल है, लेकिन जब राजनीति व्यापार हो जाये और व्यापार राजनीति तब लुका-छिपी के हाल का अनुमान लगाना बड़ी कठिन है।

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लोकतांत्रिक सत्ता में हकदारी, हिस्सेदारी और भागीदारी के सवाल

प्रफुल्ल कोलख्यान पिछले बीस-तीस साल में समय बहुत बदल गया है। न तो ऐसा अंधेरा सभ्यता ने पहले कभी देखा था और न ऐसा उजाला ही पहले कभी देखा था;

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चार जून का फैसला दुनिया के सब से बड़े लोकतंत्र के हक में आयेगा

प्रफुल्ल कोलख्यान नफस-नफस कदम-कदम आम चुनाव 2024 अपनी पूर्णता की तरफ बढ़ रहा है। भारत के संसदीय इतिहास में यह चुनाव कई कारणों से याद किया जायेगा। जिन कारणों से

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