फरीदाबाद (म.मो.) दोनो काम एक साथ नहीं हो सकते। एक वक्त में एक काम हो सकता है। अतिक्रमण हटाने की आड़ में या तो लूट कमाई हो सकती है अथवा
कचरा निस्तारण न करने वालों पर नगर निगम ने लगाया जुर्माना फरीदाबाद (म.मो.) जो नगर निगम खुद अपने कूड़े का निस्तारण न कर सके और बंधवाड़ी गांव में इसका पहाड़
फरीदाबाद (म.मो.) बीते सप्ताह ही समाचार प्रकाशित किया गया था कि निगम के नाकारापन को देखते हुए जि़ले के उपायुक्त जितेन्द्र यादव ने जलभराव से निपटने का बीड़ा उठाया था।
फरीदाबाद (म.मो.) यहां तैनाती के अपने छोटे से कार्यकाल में उपायुक्त जितेन्द्र यादव ने भली-भांति समझ लिया है कि शहर में जल भराव को रोक पाना नगर निगम के वश
फरीदाबाद (म.मो.) देर से ही सही परन्तु एनएचएआई वालों को समझ तो आई कि जल भराव से कैसे निपटना है? उन्हें समझ आ गया है कि नगर निगम के भरोसे
फरीदाबाद (म.मो.) मजबूर इन्सानों को मौत के मुंह में धकेलने वालों के विरुद्ध कोई कड़ी कार्रवाई न होने के चलते आये दिन कोई न कोई बेबस मज़दूर मौत का शिकार
फरीदाबाद (म.मो.) सीवर के खुले मैनहोलों में गिरने की घटनायें थमने का नाम नहीं ले रही। जबकि बीते माह इस तरह की घटना में एक बैंक कर्मचारी की मौत भी
फरीदाबाद (म.मो.) शहरवासी पहले तो नगर निगम से ही परेशान थे अब उनकी परेशानी बढाने के लिये खट्टर सरकार ने उनके सिर पर एफएमडीए व स्मार्ट सिटी लिमिटेड कम्पनी नामक
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस खानविलकर बेंच बनी तमाशबीन फरीदाबाद (म.मो.) नगर निगम व जि़ला प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ दिनांक 19 जनवरी को पहले से ही उजड़े हुए
फरीदाबाद (म.मो.) दिनांक 12 जनवरी को पांच नम्बर के एच ब्लॉक स्थित प्लॉट नम्बर 90 पर उस समय अच्छा-खासा हंगामा खड़ा हो गया जब पुलिस बल सहित निगम के अधिकारी