करनाल। अगर समय रहते केंद्र सरकार ने किसानों की लंबित मांगों का समाधान नही किया गया तो सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार हो जाना चाहिए। भाजपा सरकार
हरियाणा के करनाल के गुरुद्वारा डेरा कार सेवा में संयुक्त किसान मोर्चा की बुधवार को मीटिंग हुई। मीटिंग में केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर बनाई गई
रवींद्र गोयल सरकार ने 14 खरीफ फसलों ( तिलहन,दलहन, गल्ला और कपास ) के लिए इस साल के समर्थन मूल्य की घोषणा कर दी है। सरकारी दावे की कहें तो
न केवल भारतीय बल्कि वैश्विक पूंजीवाद कृषि ‘सुधारों’ के नाम पर अमेरिकी तर्ज पर किसानों को ज़मीन से बेदखल करके उनकी ज़मीनों को पूंजीपतियों के हवाले कराने का इच्छुक रहा
किसानों से युद्ध लड़ रही है मोदी-खट्टर सरकार, आधी रात को हाईवे खोदा, अन्नदाता पर पानी की बौछारें मजदूर मोर्चा ब्यूरो फरीदाबाद: काले कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली कूच