मोहम्मद जाहिद इलाहाबाद पर एहसान है शेख फरीद बख्शी का, शेख फरीद बख्शी नहीं होते तो इलाहाबाद नहीं होता और होता तो हर साल उजड़ चुका होता बह चुका होता…