विवेक कुमार आज सुबह स्विमिंग करते समय पूल में कुछ व्यापारी वर्ग और टेक्नोलेट वर्ग के साथी चुनाव पर चर्चा करने में मशगुल थे। रोजमर्रा की तैराकी पूरी कर मैं
करनाल (मज़दूर मोर्चा) चुनावों में हार को स्पष्ट देखते हुए केन्द्रीय गृहमंत्री अमितशाह ने स्थानीय दशहरा ग्राउंड में ‘विजय संकल्प रैली’ का आयोजन करके जनता को बेवकू$फ बना कर वोट
सुसंस्कृति परिहार संघ और भाजपा एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं ये एक बड़ा सच है। संघ के तीन सौ से अधिक अनुषंगी संगठनों में से भाजपा एक है। संघ
अरुण माहेश्वरी चौथे चरण के मतदान तक आते-आते अब 2024 के चुनाव ने साफ़ दिशा पकड़ ली है। मोदी और बीजेपी ने सोचा था कि वे अपने प्रचार तंत्र के
अमिता नीरव संघ औऱ बीजेपी ने राहुल गाँधी पर जो सोचकर ‘इन्वेस्ट’ किया था, उसके परिणाम गंभीर रूप से नुकसानदेह आ रहे हैं। ये थोड़ी अटपटी बात लग सकती है,
राम पुनियानी भाजपा की प्रचार मशीनरी काफी मजबूत है और पार्टी का पितृ संगठन आरएसएस इस मशीनरी की पहुँच को और व्यापक बनाता है. आरएसएस-भाजपा के प्रचार अभियान का मूल
हिसाम सिद्दीकी हर तरफ से हारने की खबरों से वजीर-ए-आजम मोदी समेत बीजेपी के तमाम लीडरान ने जैसे अपना जेहनी तवाजुन खो दिया है। असल मुद्दों के बजाए सभी ने
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) देश भर में जनता के विरोध का सामना कर रही भाजपा और मोदी के पक्ष में खड़ी गोदी मीडिया विपक्ष की आवाज दबा कर झूठ, मक्कारी के
मज़दूर मोर्चा ब्यूरो देश के सबसे जिम्मेदार पद पर बैठ कर सफेद झूठ बोलने वाले नरेंद्र मोदी के मंत्री और उनके मातहत विभाग भी प्रधानमंत्री की तरह ही झूठे आंकड़े
श्रवण गर्ग हज़ारों करोड़ की धनराशि के चुनावी बांडों की खऱीदी, जिसका कि हाल ही में खुलासा हुआ है, के पीछे का असली सच क्या है? क्या सच सिफऱ् यही