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Tag "gazal"

वक्त की गज़़लें

सन्तोष ‘परिवर्तक’ मज़दूरन की हाय लगी है…..! तबै हेकड़ी जाय लगी है….!! सरहद पर हुइ गई फजीहत, मेढक़ी तक मुस्काय लगी है.! भगत मीडिया आग बबूला, गीले का सुलगाय लगी

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