फरीदाबाद (म.मो.) भारतीय जुमला पार्टी द्वारा 2014 में सत्तारूढ़ होने के बाद, देश की जनता को बरगलाने के लिये जुमलों की जो बरसात की थी, उनमें से एक जुमला स्मार्ट
फरीदाबाद (म.मो.) नगर निगम द्वारा हजारों करोड़ का बजट डकारना प्रार्याप्त नहीं लगा तो सरकार ने इस शहर में स्मार्ट सिटी के नाम पर अलग से हजारों करोड़ रुपया झोंक
फरीदाबाद (म.मो.) शहर को स्मार्ट बनाने के लिये सरकार ने, पहले से ही मौजूद ‘हूडा’, नगर निगम व पीडब्लूडी (पब्लिक वर्कर्स डिपार्टमेंट)आदि पर भरोसा नहीं किया। शायद कि सरकार ने
फरीदाबाद (म.मो.) बीते करीब पांच साल से शहर के कुछ हिस्सों को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने के नाम पर करीब दो हजार करोड़ रुपये डकारे जा चुके हैं| लेकिन शहरी जनता