आनन्द स्वरूप वर्मा, पत्रकारिता का अंधा युग-22 जो लोग यह मानते रहे हैं और लोगों को बताते रहे हैं कि पूँजीवादी और साम्राज्यवादी लूट पर टिकी यह व्यवस्था सड़ गल
आनन्द स्वरूप वर्मा, हिंदी पत्रकारिता : संदर्भ प्रभाष जोशी प्रभाष जोशी ने पंजाब समस्या और क्रिकेट पर खूब लिखा है-देश के शायद ही किसी और अखबार ने पंजाब पर और
आनन्द स्वरूप वर्मा (हिंदी पत्रकारिता : संदर्भ प्रभाष जोशी) इसमें कोई शक नहीं कि अबसे लगभग चार वर्ष पूर्व ‘जनसत्ता’ के प्रकाशन ने हिंदी पत्रकारिता में एक क्रांति का सूत्रपात
आनन्द स्वरूप वर्मा राजसत्ता, माओवाद और पत्रकारिता अब से लगभग दो वर्ष पूर्व 11 जनवरी और 13 जनवरी, 2008 को दिल्ली के प्रेस क्लब में ‘अभिव्यक्ति की आजादी और असहमति