फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा)। दुष्कर्म, छेडख़ानी, यौन उत्पीडऩ जैसे अपराध करने वालों पर पुलिस भले ही अंकुश नहीं लगा सके लेकिन पत्नी से मारपीट करने वाले पुरुषों को बदमाशों की सूची में शामिल कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। डीजीपी शत्रुजीत कपूर के आदेश पर अब प्रदेश भर की पुलिस पत्नी आदी से मारपीट करने वाले पुरुषों की सूची बनाकर उन्हें बदमाशों की श्रेणी में शामिल करेगी।
डीजीपी शत्रुजीत कपूर बीते पांच अक्तूबर को नल्हर (नूंह) पहुंचे थे। नल्हर मेडिकल कॉलेज के सभागार में नूंह और पलवल के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान उन्होंने घरों में महिलाओं के साथ मारपीट करने वाले परुषों की सूची बनाने के निर्देश दिए। पुलिस ऐसे पुरुषों के साथ कड़ाई से पेश आएगी। हालांकि उन्होंने महिला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए गश्त बढ़ाने, गांव तथा शहरी क्षेत्रों में शोहदों, महिलाओं से छेडख़ानी करने वालों की सूची बनाकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए लेकिन दंपति के संबंध में सुनाया गया उनका आदेश चर्चा का विषय बना रहा।
पारिवारिक मामलों के जानकारों के अनुसार इस तरह की कार्रवाई मामला शांत कराने के बजाय दंपति के बीच विवाद की खाई बढ़ाने का काम करेगी। जीवनभर साथ रहने वाले इस रिश्ते में पति को बदमाश के रूप में सूचीबद्ध किए जाने से उसे जो मानसिक ठेस पहुंचेगी उससे दंपति के रिश्ते में और खटास आ सकती है। पति-पत्नी में अक्सर छोटे मोटे झगड़े होते रहते हैं, इन्हें घरेलू हिंसा नहीं माना जा सकता। बहुत ही कम मामले होते हैं जिनमें शारीरिक हिंसा होती है। अधिकतर मामलों में चंद घंटों में समझौता भी हो जाता है।
पुलिस पर वैसे भी हत्या, चोरी, लूटपाट, मारपीट जैसे गंभीर मामलों की तफ्तीश का बोझ है। तफ्तीश के बाद चार्जशीट, गवाह तैयार करना, सुबूतों का संकलन, अदालतों में हाजिरी जैसे रूटीन के काम के साथ अन्य नए केस की जांच करना, ऐसे में पत्नी से मारपीट करने वालों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना पुलिस संसाधनों का दुरुपयोग ही साबित होगी।