करनाल। जनता को किसी न किसी बहाने लूटने में जुटी सरकार अब प्रदूषण नियंंत्रण के नाम पर किसानों से लेकर रेहड़ी-पटरी दुकानदार और कारोबारियों पर जुर्माना लगाकर कमाई कर रही है। निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि बीते दिनों निगम व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम की रणनीति बनाई गई। इसके तहत विभिन्न टीमोंं का गठन किया गया जों अपने-अपने क्षेत्र में दौरा कर प्रदूषण फैलाने वाली ईकाईयों व व्यक्तियों पर जुर्माना लगा रही हैं। साथ ही निर्माण गतिविधियों पर रोक तथा कूड़े में आग न लगने को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
सवाल यह उठता है कि केवल चालान काटने और जुर्माना वसूलने से पर्यावरण कैसे शुद्ध होगा। ग्रेप चार लागू है लेकिन नगर निगम अपने स्तर पर वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के पर्याप्त उपाय नहीं कर रहा है, प्र्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तो खैर नोटिस भेजने और कमाई करने के लिए ही बना र्है। केवल चालान काटने से ही वायु की गुणवत्ता में सुधार नहीं होगा बल्कि वाटर स्प्रे, मशीनों से झाडू़ लगाने, नगर निगम के खत्तों से कूृड़े कचरे का नियमित निस्तारण , सड़कों की सफाई आदि की जानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि भवन शाखा की टीम ने शहर में निर्माण गतिविधियां करने वाले 41 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। यह नोटिस उन्हें निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री जैसे बजरी, रेत, मिट्टी , कोर्स सैंड व डस्ट इत्यादि को कवर करके नहीं रखे जाने पर जारी किए गए हैं। भवन का निर्माण भी बिना ढके किया जा रहा था। टीम द्वारा मौके पर ही सम्बंधित भवन मालिक से निर्माण सामग्री को कवर करवाया गया। चेतावनी दी गई कि अगर कोई व्यक्ति दोबारा उल्लंघन करते पाया गया, तो राष्ट्रीय हरित अधिकरण के नियमानुसार उसका चालान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कूड़े में आग न लगने को लेकर निगम की टीमे सतर्क होकर कार्य कर रही हैं। इसे लेकर सफाई शाखा शहर में निरंतर निगरानी बनाए रखे हैं। कूड़े में आग लगाते हुए 11 व्यक्तियों को पकड़ा गया, उनके मौके पर ही चालान किए गए तथा उन पर 6 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यदि नगर निगम नियमित रूप से कूड़े की उठान करता तो लोगों को आग लगाने की जरूरत ही नहीं पड़ती, लापरवाही नगर निगम की और जुर्माना भरे आम आदमी वरना कूड़े की बदबू के बीच चुपचाप रहने की आदत डाल ले।
इसके अतिरिक्त सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बावजूद प्रयोग करने वाले 9 दुकानदारों के चालान किए गए थे और उन पर 4,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही खुले में कूड़ा गिराने पर एक रेहड़ी को भी जब्त किया गया है।
निगमायुक्त ने बताया कि शहर में प्रदूषण की मात्रा को कम करने के लिए जोन इंचार्ज व सफाई दरोगाओं की ड्यूटी लगाई गई है। यह सुनिश्चित करेंगे कि सम्बंधित क्षेत्र में कोई भी दुकानदार व ढाबा संचालक जेनरेटर का प्रयोग नहीं करेगा और न ही तन्दूर जलाएगा। अगर कोई ऐसी घटना दिखाई देती है, तो तुरंत मुख्य सफाई निरीक्षक को सूचना दी जाए, ताकि सम्बंधित व्यक्ति का चालान किया जा सके। जोन इंचार्ज, सफाई दरौगा व सभी सफाई कर्मचारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके क्षेत्र में कूड़े में आग लगाने की कोई घटना न हो। अगर कोई सफाई कर्मचारी भी कूड़ा एकत्रित करके उसमें आग लगाता पाया जाता है तो उसके विरूद्घ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।