करनाल। बीते दस साल से सत्ता में रही भाजपा के राज में सड़क पर घूमने वाले आवारा पशुओं खासकर गोवंश के कल्याण के नाम पर टैॅक्स और सेस के रूप में करोड़ो रुपये वसूल चुकी है लेकिन ये आवारा पशु आज भी राहगीरों और आम जनता के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। तीसरी बार नायब सैनी सरकार बनी तो फिर से गोवंश को बचाने का पाखंड शुरू कर दिया गया है। नगर निगम ने आवारा और बेसहारा पशुओं को पकडऩे का अभियान चलाया हुआ है। नगर निगम की आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि शहरवासियों को आवारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए बुधवार को 15 गौवंश को पकड़कर फूसगढ़ स्थित नगर निगम की गौशाला में भेजा गया है। उन्होंने बताया कि बीती 25 अक्तूबर को बेसहारा पशुओं को पकडऩे का अभियान शुरू किया गया था, जो जारी है। इसके तहत अब तक करीब 166 गौवंश को पकड़करर फूसगढ़ स्थित नगर निगम की गौशाला व नंदीशाला में रखा गया है। दूसरी ओर गौशाला व नंदीशाला में पशुओं की संख्या क्षमता से अधिक होने के कारण उन्हें करनाल जिला की अन्य गौशालाओं से बात कर स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके तहत असंध, फुरलक व गगसीना की गौशालाओं में 144 गौवंश को स्थानांतरित किया जा चुका है। बेसहारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए नगर निगम योजना बनाकर कार्य कर रहा है। इसके तहत फूसगढ़ स्थित गौशाला व नंदीशाला से पशुओं को अन्य गौशालाओं में भेजकर स्थान बनाया जा रहा है। दूसरी ओर गौशाला व नंदीशाला के विस्तार करने पर भी कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बेसहारा पशुओं को पकडऩे को लेकर सभी सफाई निरीक्षकों व सहायक सफाई निरीक्षकों के नेतृत्व में सभी जोन में अभियान चलाया गया है। इसके लिए एक स्पेशल टीम का गठन किया गया है, जो इस कार्य को कर रही है।
निगम आयुक्त ने डेयरी संचालकों व नागरिकों से अपील की कि वह उपयोग के बाद अपने पशुओं को सड़कों पर बेसहारा भटकने के लिए न छोड़ें, इससे शहर की सफाई व यातायात व्यवस्था में बाधा उत्पन्न होती है। उन्होंने बताया कि ऐसे पशुओं को पकडऩे का अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।