सेक्टर 14 आरडब्यूए: गांधी गिरोह उतरा गुंडागर्दी पर, कम्युनिटी हॉल को लगाए ताले, पुलिस चौकी में बुलाकर विरोधी को धमकाया

सेक्टर 14 आरडब्यूए: गांधी गिरोह उतरा गुंडागर्दी पर, कम्युनिटी हॉल को लगाए ताले, पुलिस चौकी में बुलाकर विरोधी को धमकाया
April 27 16:37 2026

ऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) 5-11 अप्रैल के अंक में ‘सेक्टर 14 आरडब्ल्यूए गांधी गिरोह का नंगा नाच’ शीर्षक से लिखा गया था कि किस तरह गांधी गिरोह ने अपनी एक चहेती आशू मेहरा को गैर कानूनी ढंग से आरडब्ल्यूए की अध्यक्ष बना दिया था जिसे सेक्टरवासियों ने तीन वर्ष पूर्व चुनाव में हराया था। इसके विरोध में सेक्टरवासी बड़ी संख्या में उठ खड़े हुए। सत्ता के इस गैर कानूनी अपहरण के विरुद्ध सेक्टरवासियों ने जिला रजिस्ट्रार सोसायटीज में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जिला रजिस्ट्रार को आवेदन किया कि वे आरडब्लयूए के संविधान के मुताबिक चुनाव कराएं और तब तक प्रशासक की नियक्ति करके इस असंवैधानिक अध्यक्ष को पद से हटाएं।

रजिस्ट्रार ने आवेदन तो ले लिया लेकिन दूसरे पक्ष को कोई नोटिस जारी नहीं किया। इसके पीछे कारण यह समझा जा रहा है कि गांधी गिरोह खुद कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल गिरोह के प्रतिनिधि के रूप में सक्रिय है। जिला रजिस्ट्रार भी खुद विपुल गोयल के ही मातहत है, इसके अलावा जानकार बताते हैं कि असंवैधानिक रूप से प्रधान बनीं आशु मेहरा के पति व उसके भाई वगैरह सब विपुल गोयल के चरणचुंबक हैं। रजिस्ट्रार का यह रवैया देख कर बीते रविवार यानी 22 अप्रैल को सेक्टर वासियों ने कम्यूनिटी सेंटर में तमाम सेक्टरवासियों की बैठक बुलाई थी। मीटिंग के लिए जब 11 बजे लोग वहां पहुंचे तो आश्चर्यजनक रूप से वहां ताले लगे हुए पाए। विदित है कि यह कम्यूनिटी सेंटर कभी भी बंद नहीं हुआ करता, कोई भी सेक्टरवासी कभी भी पूरा दिन वहां बैठ सकता है, और लोग हमेशा वहां बैठते रहे हैं। लेकिन इस बार इस बैठक को असफल करने के लिए दरवाजे पर ताले लगा दिए गए।

इस तरह की तालाबंदी से कभी बैठकें अथवा सभाएं रुका नहीं करतीं। जो भी 50-60 लोग आए उन्होंने पार्क में बैठकर ही अपनी मीटिंग व आगे की रणनीति बनाने का कार्य संपन्न किया। इस मीटिंग में बताया गया कि गांधी ने किसी अश्वनी नाम के व्यक्ति को बाकायदा पुलिस चौकी में बुलावा कर और एफआईआर दर्ज करने, हवालात में बंद करवाने की धमकी देकर उससे कोई माफीनामा भी लिखवा लिया। बताया जाता है कि पुलिस की मौजूदगी में खुद गांधी भी बड़ा उछल उछल कर अश्वनी पर झपटने की एक्टिंग कर रहा था। उसका यह हथकंडा अपने विरोधियों को यह संदेश देने के लिए था कि पुलिस तो उसकी जेब में है और जिसको जब चाहेगा बंद करवा देगा। बैठक में तय पाया गया कि सोमवार 23 अप्रैल को एक प्रतिनिधि मंडल जाकर उपायुक्त से मिल कर उन्हें पूरे मामले से अवगत कराएगा। इसे लेकर सोमवार को सेवानिवृत्त प्रोफेसर बिमला पन्नू के नेतृत्व में सेक्टरवासियों का एक छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अतिरिक्त उपायुक्त अंजलि श्रोत्रिया से मिला, जिन्होंने पूरे ध्यान से मामले को सुना व समझा तथा रजिस्ट्रार को उचित कार्रवाई करने का आदेश देते हुए एक सप्ताह का टाइम दिया। अब देखना यह है कि रजिस्ट्रार अतिरिक्त उपायुक्त के आदेश की पालना करता है या मंत्री महोदय के इशारों पर नाचता है। जो भी हो सेक्टर में जो शांतिपूर्ण ढंग से आरडब्ल्यूए का काम चल रहा था वह पूरी तरह से बिगड़ चुका है, कम्युनिटी सेंटर के बंद तालों को देखकर वहां आए
तमाम बुजुर्गों ने कहा कि वे इस ओछी हरकत को न कभी भूलेंगे और न कभी माफ करेंगे। वे ये भी देखेंगे कि बिना जन सहयोग के गांधी गिरोह कब तक व किस तरह से इस आरडब्ल्यूए को चला पाएगा।

मीटिंग में आए कुछ लोगों ने बताया कि असली झमेला तो आरडब्ल्यूए को आने वाले समय में मिलने वाली भारी ग्रांटों का है, मंंत्री विपुल गोयल ने अपने प्यादे गांधी को बता रखा है कि वह नया कम्युनिटी सेंटर व कुछ और निर्माण कार्य के लिए बड़ी ग्रांटें जारी करने वाला है इसलिए आरडब्ल्यूए गिरोह पर अपने गिरोह का कब्जा होना बहुत जरूरी है ताकि आने वाली मोटी रकमों में से कोई जुगाड़बाजी हो सके।

  Article "tagged" as:
rwa
  Categories:
view more articles

About Article Author

Mazdoor Morcha
Mazdoor Morcha

View More Articles