सीएम सैनी ने उछाला बल्लभगढ़-सोहना रोड पर पाली चौक तक दस किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का जुमला

सीएम सैनी ने उछाला बल्लभगढ़-सोहना रोड पर पाली चौक तक दस किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का जुमला
April 06 06:28 2025

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) जुमलेबाज मोदी और खट्टर के बाद भाजपा-संघ के कठपुतली सीएम नायब सैनी ने काम नहीं काम का ढिंढोरा पीटने का फार्मूला सीख लिया है। उनकी दस साल की सरकार में बल्लभगढ़ में सोहना रोड पर रेलवे ओवर ब्रिज तो फोर लेन हो नहीं पाया बावजूद इसके उन्होंने बल्लबगढ़-सोहना रोड पर पाली चौक तक दस किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने का जुमला उछाल दिया है।

लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रकाश लाल ने बताया कि सीएम कार्यालय से सर्वे करने का आदेश आया है, अगले सप्ताह से सर्वे शुरू कर दिया जाएगा। सबसे पहले फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी, रिपोर्ट से तय होगा कि फ्लाईओवर के निर्माण की योजना व्यावहारिक है या नहीं। जानकारों के अनुसार इतने लंबे फ्लाईओवर सामान्यतया नहीं बनाए जाते हैं, नेशनल हाईवे पर भी बहुत जरूरी होने पर इतने लंबे एलिवेटेड रोड बनाए जाते हैंं क्योंकि इसकी लागत जमीन पर बनाए जाने वाले रोड से कई गुणा ज्यादा होती है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी ऐसा ही सोचते हैं लेकिन कहा जा रहा है कि यदि फीजिबिलिटी रिपोर्ट सकारात्मक आती है तो मुख्यमंत्री कार्यालय इसे मंजूरी दे सकता है। यानी सीएम कार्यालय ने केवल सर्वे करने का आदेश जारी किया है, इस प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने की अभी कोई संभावना नहीं दिख रही है।

यदि फीजिबिलिटी रिपोर्ट सकारात्मक आ गई और सीएम कार्यालय से अनुमति भी मिल गई तो भी यह एलिवेटेड बनकर तैयार होने वाला नहीं। मंझावली पुल तो बहुत छोटा था लेकिन उसे बनने में दस साल से ज्यादा का समय लग गया। पुल बनकर तैयार हुआ लेकिन कनेक्टिविटी रोड और अप्रोच रोड आज तक तैयार नहीं हो सके। ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे का हाल भी सबके सामने है, लोक निर्माण विभाग को अधिग्रहीत जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाने के कारण प्रोजेक्ट खटाई में पड़ा हुआ है। बल्लभगढ़ सोहना रोड का रेलवे ओवर ब्रिज फोर लेन होने का नाम ही नहीं ले रहा। इन सब प्रोजेक्टों की डेड लाइन डबल इंजन सरकारों में दसियों बार बढ़ाई गईं फिर भी ये पूरे नहीं हो सके।
लोकसभा चुनाव से पहले सीएम खट्टर ने ईस्ट वेस्ट प्रोजेक्ट का खूब ढिंढोरा पीटा। मीडिया ने भी खूब प्रचार किया कि एनआईटी को ग्रेटर फरीदाबाद से जोडऩे के लिए फ्लाईओवर का जाल बिछा दिया जाएगा। एनआईटी से सैनिक कॉलोनी, सैनिक कॉलोनी से अनखीर चौक सेक्टर 21 होते हुए बडख़ल तक फ्लाईओवर बनेगा। इधर सैनिक कॉलोनी से प्याली चौक होते फ्लाईओवर फिर वहां से बाटा चौक से आगे तक फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। सच्चाई यह है कि अभी ईस्ट वेस्ट प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट ही तैयार नहीं हुई, बजट तो दूर की बात है।

अगर घोषणा से ही कोई काम हो जाता तो सबसे ज्यादा घोषणाएं खट्टर ने की थीं, इसके लिए बजट, जमीन, संसाधन और सबसे ज्यादा इच्छा शक्ति की जरूरत होती है जो न खट्टर में थी और न ही सैनी में नजर आती है। सैनी ने दस किलोमीटर एलिवेटेड रोड का जुमला उछालकर खुद को कर्मठ सीएम की तरह पेश किया है, लेकिन इस प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाएंगे, ऐसा लगता नहीं है, बावजूद इसके अन्य घोषणाओं की तरह समय समय पर इसका ढिंढोरा पीटा जाता रहेगा। उन्हें भी मालूम है कि जब जनता घोषणाओं पर ही वोट दे देती है तो फिर काम क्यों कराएं। चुनाव के नजदीक इस फ्लाईओवर, ईस्ट वेस्ट कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट, मंझावली पुल, बल्लभगढ़ रेलवे ओवर ब्रिज का ढिंढोरा पीट कर फिर जनता को मूर्ख बनाया जाएगा।

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Mazdoor Morcha
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