फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) दस साल तक जनता को विकास के जुमलों और धर्म की चाशनी चटा कर वरग़लाने वाली भाजपा और उसके मुख्यमंत्री खट्टर को चुनाव नज़दीक आते ही विकास कार्यों की याद आई है। जनता के सामने अपने दस साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाने के लिए इनके पास कुछ तो है नहीं ऐसे में खट्टर शिलान्यास और उद्घाटन कर सरकार की छवि सुधारने का पाखंड करते नजर आ रहे हैं। बुधवार को उन्होंने वर्चुअल मोड से शहर में 270 करोड़ रुपये के 15 विकास कार्यों उद्घाटन व शिलान्यास किया। उद्घाटन 117 करोड़ के आधे अधूरे विकास कार्यों का किया जबकि 153 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। समझा जा सकता है कि जो खट्टर दस साल सत्ता में रहते हुए अपने शिलान्यास किए अनेकों विकास कार्य आज तक पूरे नहीं करा पाए, चुनावी मौसम में उनके कराए शिलान्यासों का क्या हाल होना है। इसके अलावा उन्होंने समय से काफी पिछड़ चुके आधे अधूरे सात विकास कार्यों का उद्घाटन कर दस साल की नाकामियां छिपाने का प्रयास किया।
दशकों से सूखी पड़ी बडख़ल झील को भरने का दस साल से दावा कर रहे सीएम खट्टर ने इस आधी अधूरी परियोजना का उद्घाटन कर डाला जबकि अभी यहां निर्माण कार्य चल रहा है। करीब इक्कीस करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद झील के एक हिस्से में ही पानी भरा जा सका है जबकि बड़ा इलाका सूखा पड़ा हुआ है। झूठ और पांखड के बलबूते सत्ता चला रहे खट्टर ने इसी तरह ओल्ड फरीदाबाद मार्केट स्थित आधी-अधूरी मल्टी लेवल पार्किंग का भी उद्घाटन कर दिया। सूख चुके बराही तालाब को पानी से तो भरा नहीं गया उसके नवीनीकरण के नाम पर साढ़े दस करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए, सीएम ने इसका भी उद्घाटन कर दिया। सीएम ने मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल तिगांव की इमारत का भी उद्घाटन किया। उन्हेें जिले के टॉप पांच मार्डन संस्कृति सीनियर सेंकेेंड्री विद्यालयों में शामिल एनआईटी तीन मॉडल स्कूल के 11 जर्जर कमरे नहीं दिखे। इन जर्जर कमरों में पढऩे वाले छात्रों और पढ़ाने वाले शिक्षक हमेशा खतरे में रहते थे वो तो पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट आने पर इनका इस्तेमाल बंद किया गया वरना सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता।
इनके साथ ही वेंटो नाइट ट्रीटमेंट प्लांट, , गुडग़ांव नहर पटरी पर आरएमसी रोड और 66 केवी सबस्टेशन सेक्टर 37 का उद्घाटन किया, बताते चलें कि ये सभी विकास कार्य भी काफी देर से ही पूर्ण हुए हैं। राजनीतिक जानकारों ने अनुसार सरकार खुद ही इन योजनाओं को लटकाए रखे थी ताकि चुनाव आने पर इनका उद्घाटन कर सीएम अपनी छवि चमका सकें।
सीएम खट्टर ने इस दौरान 153 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इनमें तीन रैनीवेल, विद्युत सब स्टेशन, 500 सीटों का ऑडिटोरियम व टीचिंग ब्लॉक, बल्लभगढ़-तिगांव-मंझावली रोड, व्यावसायिक कॉंप्लेक्स सहित हाईमास्ट लाइटों की स्थापना शामिल है। दस साल के शासन में खट्टर केवल 117 करोड़ के ही विकास कार्य करा पाए वो भी आधे अधूरे तो 153 करोड़ रुपये के इन शिलान्यासों को कब तक अंजाम पहुंचाया जाएगा, यह कहना मुश्किल है।