सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करा कमाई कर रहे निगम अधिकारी

सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करा कमाई कर रहे निगम अधिकारी
April 20 09:35 2025

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) भ्रष्टाचार के गढ़ नगर निगम के हरामखोर अधिकारी लूट कमाई के लिए सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण कराने से भी बाज नहीं आ रहे। बल्लबगढ़ नगर निगम के संयुक्त आयुक्त करण सिंह की सहमति से जेई परवेज आलम मुजेसर गांव को अपनी कमाई का मैदान बनाए हुए है। ताजा मामला मुजेसर गांव में सामुदायिक भवन के पास स्थित नगर निगम के बूस्टर का है। निगम के अधिकारियों ने बूस्टर परिसर का खाली हिस्सा स्थानीय पशुपालक परसराम को गाय-भैंस बांधने और दूध का कारोबार करने के लिए दे रखा है। स्थानीय लोगों के अनुसार इसके एवज में निगम के अधिकारी डेयरी संचालक से प्रति माह करीब आठ हजार रुपया वसूलते हैं। यह राशि जेई परवेज आलम के जरिए संयुक्त आयुक्त से लेकर निगमायुक्त तक पहुंचती है।

दरअसल, परसराम को विधायक मूलचंद शर्मा का वरद्हस्त प्राप्त है। यही कारण है कि अनेकों बार शिकायत किए जाने के बावजूद निगम अधिकारियों ने बूस्टर की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से चल रही डेयरी को हटाया नहीं है। यह सर्वविदित है कि अवैध कारोबार में न तो लेने वाला कहता है कि उसने लिया और न ही देने वाला कुबूल करता है कि वह नजराना राशि देने के कारण ही लंबे समय से टिका हुआ है लेकिन मौके पर मौजूद अवैध कब्जा स्वत: चिल्ला चिल्ला कर बता रहा है कि सौदा ‘सच्चा और खरा है जो कि न तो सोने के बिस्कुट खाने वाली महंगे लहंगे पहनने वाली कमिश्नर मोना श्रीनिवास को दिखता है और न ही सत्तारूढ़ नेताओं को नजर आता है।

सुधी पाठकों को बताते चलें कि पूर्व कमिश्नर यशपाल ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने की एक मुहिम चलाई थी तब भी केवल मुजेसर क्षेत्र ही ऐसा था जो की अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका जब निगम की जेसीबी सरकारी जगहों पर खुली डेयरी व अतिक्रमण हटाने पहुंची तो तत्कालीन जेई के पास तत्कालीन मंत्री मूलचंद का फोन आ गया और स्पष्ट शब्दों में कहा बस चला लिया अभियान, ये बल्लभगढ़ ही रहेगा चंडीगढ़ नहीं बनेगा ये मेरे आदमी है चुप चाप यहाँ से लौट जाओ, कुछ नहीं तोडऩा है। जिस वजह से आज तक भी सरकारी बूस्टर में अवैध रूप से डेयरी चल रही है लोगो के लिए पानी की आपूर्ति नहीं है परंतु निगम के हरामखोर अधिकारियों की वजह से बूस्टर में पशु नहलाए भी पीने के पानी से जा रहे है, गोछी ड्रेन के साथ साथ भी पूरे रोड पर कब्जा है, एस्कॉर्ट मोड से मुजेसर नाले तक चारों तरफ़ मशीन मार्केट बता कर पूरे रोड पर कब्जा कर रखा है जिससे लोगो का निकलना भी मुश्किल है जेई परवेज तो पहले भी अवैध निर्माण करवाने के लिए चार लाख रुपये लेने से इनकार करता रहा है लेकिन उसके द्वारा निर्माण कार्य नहीं रुकवाया जाना सच्चाई बयां कर रहा है। उसी तरह वह अवैध डेयरी से भी कोई उगाही किए जाने की बात से साफ इनकार कर सकता है लेकिन अतिक्रमण भी नहीं हटवाएगा। मुजेसर में केवल बूस्टर की सरकारी जमीन ही उगाही के लिए नहीं उठाई गई है, संडे बाजार, और आम दिनों में दुकानदारों द्वारा सड़क पर किया गया अतिक्रमण भी कमाई का बड़ा साधन है। लूट कमाई के लिए केवल जेई परवेज आलम ही जिम्मेदार नहीं है, जब आला अधिकारी महंगे मोबाइल फोन, महंगे गिफ़्ट, सोने के बिस्कुट, पांच लाख का लहंगे की डिमांड करेंगे तो फिर मातहत इसी तरह अवैध उगाही कर उन्हें खुश करेंगे, हां इसमें अपनी भी हिस्सापत्ती तो बनाएंगे ही।

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Mazdoor Morcha
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