फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर बीते बारह साल में शहर की जनता को कुछ खास तो दे नहीं पाए उल्टे उसकी परेशानी का सबब साबित हो रहे हैं। चार फरवरी को उनके जन्मदिन के उपलक्ष्य में उनके प्यादों द्वारा शहर में जगह जगह बधाई कार्यक्रम रखवाए गए। सार्वजनिक स्थान और सड़कों पर हुए हुए कार्यक्रमों में भीड़ के कारण कई जगह जाम की नौबत आई, आम आदमी ही नहीं स्कूल के बच्चों को भी परेशान होना पड़ा।
बीते बारह साल की नाकामियां छिपाने के लिए रोजाना कोई न कोई इवेंट की नौटंकी करने वाली भाजपा के केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर भी खुद को चमकाने का कोई मौका छोडऩा नहीं चाहते। नेताजी जनता को अपनी उपलब्धियां बताने के लिए शायद ही कभी सड़कों पर उतरे हों लेकिन जन्मदिन के नाम पर जनता के मन मस्तिष्क में बने रहने के लिए सुबह से ही यहां वहां घूम-घूम कर बिना किसी के दिए बधाई बटोरने की नौटंकी करते रहे। अब केंद्रीय मंत्री अकेले तो जाएंगे नहीं तो उनके साथ लगुए-भगुओं का काफिला भी चला, बेचारी पुलिस के पास और तो काम है नहीं करने के लिए तो प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आगे आगे उनका रास्ता साफ कराती रही। इसका नतीजा जगह जगह जाम के रूप में दिखा।
मंत्री जी की गुलामी करने वाली पुलिस ने तो सुबह से ही सेक्टर 28 स्थित मंत्री आवास को जाने वाली सड़क ही बैरिकेड लगा कर आम आदमी के लिए बंद कर दी, इस सड़क पर सिर्फ मंत्री जी को जन्मदिन की बधाई देने जाने वाले चेले-चरणचुंबकों को ही वाहन समेत आने दिया गया। पूरे दिन सड़क बंद रहने से हजारों आम वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद मंत्री जी काफिला लेकर बड़ौली गांव के लिए निकले तो पुलिस ने इस रास्ते पर भी यातायात रोक दिया और मंत्री के निकलने के बाद ही वाहन चलाए जा सके। नगर निगम भी पालतुओं की तरह जन्मदिन मनाने के लिए जेसीबी से साहब पर फूलों की बारिश करने में जुटा दिखा। जो जेसीबी शहर की चौक नाले-नालियां खोलने में लगाई जानी चाहिए थीं उनसे फूल बरसाने का काम लिया गया। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रीन फील्ड कॉलोनी के पास कराए गए जन्मदिन कार्यक्रम के कारण आई। सूरजकुंड मेला होने के कारण इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन काफी ज्यादा है। बावजूद इसके गूजर के चमचों ने ग्रीन फील्ड कॉलोनी के गेट नंबर दो के पास खाली पड़े प्लॉट में पंडाल तनवा दिया। यहां मंत्री जी तो नहीं पहुंचे लेकिन उनको बधाई देने के लिए इक_ा हुए लोगों ने सड़क पर ही वाहन पार्क कर दिए, इससे यातायात करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रहा।
इसी दौरान स्कूलों की छुट्टी हुई और ग्रीन फील्ड कॉलोनी व आसपास के इलाके के नन्हें मुन्नों को घर छोडऩे के लिए मानव रचना स्कूल, एमवीएन, विद्या मंदिर, डीएवी, आयशर आदि स्कूलों की आठ-दस बसें जाम में फंस गईं। थके और भूखे बच्चे करीब एक घंटे तक जाम में फंसे रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्कूल बसें कॉलोनी के अंदर प्रवेश ही नहीं कर सकीं, मजबूरी में बस कंडेक्टर गेट से बच्चों को पैदल ही घर तक छोड़ते हुए देखे गए। बच्चों को हुई परेशानी से अभिभावकों में काफी नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना था कि नेताजी को अपने घर पर ही बर्थडे मनाना चाहिए, अपनी खुशी के लिए पूरे शहर में घूम घूम कर आम नागरिकों की परेशानी क्यों बन रहे हैं। कुछ बुजुर्गों का कहना था कि यदि नेताजी ने अच्छे काम किए होते तो जनता खुद उनको जन्मदिन की बधाई देती लेकिन भोंडा भीड़ प्रदर्शन करने से उनकी असफलताएं छिपने वाली नहीं हैं। गूजर को यह भी समझ लेना चाहिए कि आज जो लोग उसकी जय जयकार कर रहे हैं, अपने माता-पिता के पैर भले ही न छूते हों लेकिन उनके पैर छू रहे हैं ये मौका परस्त हैं जो तब तक उनकी जयकार करते रहेंगे जब तक वह सत्ता में है, सत्ता जाते ही ये सारे लोग उनको पहचानेंगे भी नहीं। बेहतर होगा कि जनहित के काम कर अपनी छवि चमकाएं। ऐसी इवेंटबाजी से आप भले ही खुश हो जाएं, आम जनता पर कोई असर नहीं पडऩे वाला।
भाजपाई नेताओं के लिए अपनी शोभायात्रा के मुकाबले में जनता का जाम में उलझना कोई मायने नहीं रखता, इसका एक और उदाहरण बीते सप्ताह गुडग़ांव में देखने को तब मिला जब भाजपा के नव नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नबीन को पार्टी कार्यालय गुडग़ांव लाया गया। उसकी शोभा यात्रा को चार चांद लगाने के लिए मुख्य मंत्री सैनी व कुछ अन्य मंत्री भी लश्कर में शामिल थे। यह सारी नौटंकी शायद इसलिए की जा रही थी कि खुद मोदी ने उसे अपना बॉस घोषित किया था। शोभा यात्रा के चक्कर में पूरा गुडग़ांव शहर कई घंटों तक जाम रहा, न जाने कितने फैक्टरी मजदूर, स्कूली बच्चे, कितने आने जाने वाले घंटों परेशान रहे इसकी कोई सुधि लेने वाला नहीं था, न अधिकारी न नेता।