असंध (मज़दूर मोर्चा) हरियाणा राज्य परिवहन यानी रोडवेज द्वारा बस अड्डा एवं सब डिपो खोलना भी अब एक सौगात कहलाने लगा है। सर्वविदित है कि बसों का परिचालन एक व्यापारिक गतिविधि है। इन्हें चला कर सरकार जनता पर कोई अहसान नहीं कर रही। यह तो सरकार की गुंडागर्दी है जो अन्य किसी को भी इस व्यापार में घुसने नहीं देती और अपना एकाधिकार बनाए रखती है। यदि मुक्त व्यापार की छूट मिल जाए तो निजी ट्रांसपोर्ट सरकारी रोडवेज से बेहतर सेवाएं देने के साथ-साथ अच्छा-खासा मुनाफा भी कमा सकते हैं। इसके विपरीत रोडवेज का घाटा सरकारी खजाने से भरा जाता है।
इस तथाकथित सौगात सौंपने की नाटकबाजी के अवसर पर स्थानीय विधायक योगेन्द्र राणा, स्थानीय सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री खट्टर तथा परिवहन मंत्री विज के अलावा करनाल के अन्य बड़े अधिकारी भी अपने तमाम काम छोड़ कर यहां तालियां बजाने के लिए उपस्थित रहे। इस दौरान यह भी बताया गया कि इस सब डिपो को 25 बसें मिलेंगी। इन बसों को विभिन्न स्थानीय एवं लम्बे रूटों पर चलाया जाएगा। विदित है कि राज्य भर के मौजूदा तमाम डिपुओं में न तो पर्याप्त चालक व परिचालक हैं और न ही वर्कशापों में बसों की मरम्मत का संतोषजनक इंतजाम हैं। इसके चलते अनेकों बसें बेकार खड़ी हैं। जाहिर है ऐसे में विभाग का घाटे में जाना निश्चित है। सरकार अपने कुप्रबन्धन को सुधारने की बजाय इस तरह की $फर्जी सौगातें बांट कर जनता को बेवकूफ बनाने में जुटी है।