रिश्वतखोरी में फंसे अपने कमाऊ पूत को बचाने के पैंतरे चल रहे एसडीएम घरौंडा

रिश्वतखोरी में फंसे अपने कमाऊ पूत को बचाने के पैंतरे चल रहे एसडीएम घरौंडा
April 06 12:06 2025

करनाल। रिश्वतखोर रीडर अशोक के खिलाफ चल रहीं जांच की आंच एसडीएम घरौंडा तक पहुंची तो वे आरोपी के समर्थन के बहाने अपना बचाव के पैंतरे आजमा रहे हैं। उन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के एसपी और इंस्पेक्टर पर उन्हें प्रताडि़त करने का आरोप लगाते हुए मंडलायुक्त से शिकायत की है। इधर एसीबी ने एसडीएम पर जांच में सहयोग न करने का आरोप लगाया है। मामले की जांच कर रहे मंडलायुक्त राजीव रत्न ने जांच में क्या तथ्य पाए गए यह बताने से इनकार करते हुए कहा कि जांच निष्पक्षता से की जाएगी, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सुधी पाठकों को बताते चलें कि एसडीएम के रीडर को एसीबी ने 31 दिसंबर 2024 को एक पीडि़त व्यक्ति का पैरोल दिलाने के नाम पर चार हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। एसीबी की जांच में सामने आया था कि जिस पैरोल के लिए रिश्वत ली जा रही थी उसके कागजों पर एसडीएम घरौंडा के हस्ताक्षर थे। आरोप है कि जांच आगे बढ़ाते हुए एसीबी एसडीएम पर वो दस्तावेज देने का दबाव बना रही है। एसडीएम के ना नुकुर करने पर उन्हें भी साजिश में शामिल होना दिखा कर कार्रवाई क रने की धमकी दे रही है। मामले की जांच शुरू होने से जिला प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। जांच में फंसने के डर से घबराए एसडीएम ने डीसी को शिकायती पत्र देकर एसीबी पर फोटो स्टेट कागजों पर उनसे जबरन हस्ताक्षर करने करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। फाइल में असल दस्तावेज न होने के कारण वह फोटोकॉपी पर हस्ताक्षर नहीं करने पर अड़े रहे। एसीबी का तर्क था कि ये उनके कार्यालय का था, इसलिए हस्ताक्षर जरूरी हैं, ये काम नियमानुसार हो रहा है। इस संबंध में मंडलायुक्त करनाल ने बताया कि मामले की जांच शुरू हो चुकी है। जांच का खुलासा नहीं किया जा सकता, लेकिन ये जांच निष्पक्ष होगी। जांच पूरी होने के बाद जल्द इसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी।

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Mazdoor Morcha
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