करनाल (मज़दूर मोर्चा)। हाथ में फाइल गले में आईडी, आंखों में सरकारी रौब, फर्जी जीएसटी इंस्पेक्टरी को देख कर तो कोई भी दबाव में आए जाए। पानीपत से लेकर पंचकूला हाईवे पर घूम-घूम करन फर्जी कार्ड आईडी वाला जीएसटी ट्रांसपोर्टरों से वसूली कर रहा था। हाइवे पर जीएसटी इंस्पेक्टर द्वारा वसूली की बातें विभाग तक पहुंचीं तो जांच शुरू हुई और पकड़ में आया फर्जी इंस्पेक्टर। पानीपत में सीएम फ्लांइग ने ट्रांसपोर्टस की गाडिय़ों को पकड़कर वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। सीएम फ्लाइंग ने जिला आबकारी एवं कराधान विभाग (डीईटीसी) का फर्जी इंस्पेक्टर बनकर घूम रहे कूरियर कंपनी के संचालक मनमोहित को गिरफ्तार किया। पानीपत के बिंझौल निवासी मनमोहित के पास से विभाग का फर्जी आईडी कार्ड भी बरामद किया गया है। आरोपी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर वसूली कर रहा था। किला थाना पुलिस ने मनमोहित के अलावा साथी रमेश मांडी, डीईटीसी में तैनात पानीपत के डीईटीसी के इंस्पेक्टर अभिनव पूनिया, ईटीओ हंसलाल, जगाधरी के इंस्पेक्टर विरेंद्र, करनाल के इंस्पेक्टर पवन, कुरुक्षेत्र के इंस्पेक्टर राकेश, पंचकूला के इंस्पेक्टर अजय पर बीएनएस की धारा 204, 308 (2), 318(4) 338, 336(3), 340 (2) 61 (2) के अंतर्गत केस दर्ज किया है। आरोपी के मोबाइल से कई व्हाट्सएप चैट और ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली हैं जो इस घोटाले की पुष्टि करती हैं।
ऐसे हुआ खुलासा सीएम फ्लाइंग को मिली थी गुप्त सूचना सीएम फ्लाइंग के उप निरीक्षक राजसिंह ने शिकायत में बताया कि शुक्रवार रात 10 बजे सूचना मिली कि बिंझौल निवासी मनमोहित ने गाडिय़ां कोरियर सर्विस पर लगाई हुई हैं। विभाग के अधिकारियों से उसके संपर्क हैं, वह जो फर्जी सेल टैक्स अधिकारी बन कर ट्रांसपोर्टरों से वसूली करता है। वह अधिकारियों से मिलीभगत कर टैक्स के नाम पर ट्रांसर्पोटस को डरा-धमकाकर लाखों रुपए वसूल करता है। रिकार्ड में जुर्माना कम दिखाकर बाकी राशि आपस में बांट लेते हैं। सीएम फ्लाइंग स्क्वाड को सूचना के आधार पर बिंजौल गांव का रहने वाला मनमोहित नाम का व्यक्ति टाटा हैरियर गाड़ी ॥क्र०३्र्र 2634 में फर्जी सेल्स टैक्स इंस्पेक्टर बनकर घूम रहा है। टीम ने सेठी चौंक पर जाल बिछाया और उसे अंजना ट्रांसर्पोट काबू कर लिया और कार समेत किला थाने पहुँची और तलाशी के दौरान उसकी गाड़ी से फर्जी नंबर प्लेट हरियाणा आबकारी एवं कराधान विभाग का एक फर्जी पहचान पत्र पर गर्वनमैन्ट आफ हरियाणा एक्साईज एण्ड टैैक्सेशन डिपार्टमैन्ट लिखा है। एम्पलाई आई डी नंबर 2213457 नाम मनमोहित पुत्र देवेन्द्र रैंक इंसपैक्टर मिला, आरोपी ने खुलासा किया कि उसने यह फर्जी आईडी कार्ड अपने गांव के सीएमसी सेंटर से बनवाया था ताकि चेकिंग के दौरान रौब जमाया जा सके। मनमोहित से 2 फोन बरामद किये इनमें टैक्स विभाग के अधिकारियों के साथ कई व्हाट्सअप चैट और रिकार्ड बरामद हुआ।
गाड़ी में 2 फर्जी नम्बर पलेट मिली। पुलिस ने फोन डाटा रिकवरी के लिये लैब में भेजा है। मनमोहित ने बताया कि ट्रांसर्पोटर से टैक्स के नाम से वसूली जा रही ब्लैक मनी वह अपने परिवार के सदस्यों के नाम से बैंक में खुलवाये बैंक खाते में ट्रांसफर करता था। उसके बाद खातां मे नगदी निकाल कर कैश राशि टैक्स अधिकारियों को देता था। गौरतलब है कि अगर पवन इंस्पैक्टर की गहराई से खोजबीन की गई तो कई खुलासे करनाल के उभर कर आयेगें । सूत्रों से मिल जानकारी अनुसार एक व्यक्ति ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि जब भी इसे 2 नंबर के कारोबार माल गोदाम की सूचना देते थे तो यह कह टाल देता था कि ज्वाईन्ट कमीशनर अंबाला की अनुमति बिना छापा नही मार सकते वहां शिकायत करों उसके बाद उनकी अनुमति से जा सकते है।
जबकि करनाल शहर सदर बाजार,जवाहर मार्कीट में करोड़ो का कारोबार माल लोड होकर जाता है । करनाल के कई दुकानदारों ने जीएसटी नियम अनुसार न तो बोर्ड लगा रखे है और न ही दुकानदारों ने जीएसटी नंबर अंकित किये हुये है। सवाल यह उठता है छापा मुख्यमंत्री उड़ान दस्ता ने मारा लेकिन जो विभाग बने हुए हैं वह क्या कर रहे हैं। किस बात की वेतन ले रहे हैं।