बल्लबगढ़ (मज़दूर मोर्चा) दस साल तक सत्ता सुख भोगने और भ्रष्टाचार की मलाई खाने वाले मंत्री मूलचंद शर्मा अपने दो कार्यकाल में जनोपयोगी कार्य, विकास और कल्याण के नाम पर जनता को मूर्ख ही बनाते रहे। विकास कार्य तो कोई कराया नहीं जनता को छलने के लिए कभी मोहना एलिवेटेड रोड तो कभी बल्लभगढ़ रेलवे ओवर ब्रिज फोर लेन का ढिंढोरा पीटते रहे। चुनाव में जनता को मूर्ख बनाने के लिए जून में मोहना एलिवेटेड रोड की नौटंकी शुरू कर दी। मज़दूर मोर्चा ने 16 -22 जून के अंक में काम नहीं काम का ढिंढोरा : चुनाव से पहले बाहर आया मोहना एलिवेटेड रोड का जिन्न शीर्षक से प्रकाशित समाचार में ही बता दिया था कि अभी ड्राइंग ही नहीं बनी है, यानी रोड न तो बनना है और न ही भविष्य में बनने की कोई संभावना है। हां, इसके नाम पर मंत्री द्वारा खरीदे गए आकाश सिनेमा के सामने की सड़क चौड़ी की जाएगी ताकि भविष्य में यदि मूलचंद वहां कोई मॉल या मैरेज हॉल खुलवाएं तो जाम नहीं लगे। जून में मंत्री द्वारा बोला गया यह झूठ अब साबित भी हो गया है, लोक निर्माण विभाग बीएंडआर के कार्यकारी अभियंता प्रदीप संधू के मुताबिक मोहना एलिवेटेड रोड की ड्राइंग तैयार कर मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजी गई है, मंजूरी मिलते ही काम तेजी से शुरू होगा। खास बात ये है कि इस बार लागत 192 करोड़ से घट कर 158 करोड़ ही बताई गई है। सच्चाई ये है कि सरकार ने अभी तक न तो इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है और न ही बजट स्वीकृत हुआ है, यही कारण है कि मूलचंद जितनी बार घोषणा करते हैं या अपने चापलूस अधिकारियों से करवाते हैं उतनी बार बजट की राशि में कमी होती जाती है, और झूठ उजागर होते हैं।
मूलचंद शर्मा की जी हुजूरी में लगे कार्यकारी अभियंता प्रदीप संधू अच्छी तरह जानते हैं कि प्रदेश में आचार संहिता लागू है, ऐसे में सरकार एलिवेटेड रोड की ड्राइंग को मंजूरी नहीं दे सकती। इसके बावजूद उन्होंने मीडिया में यह खबर उड़ा दी कि ड्राइंग को मंजूरी मिलते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। जानकार बताते हैं कि यह ड्राइंग न तो कभी बनी थी और न कभी भेजी गई। सवाल ये है कि जब अभी तक ड्राइंग हीनहीं बनी थी तो फिर जून में मूलचंद शर्मा ने पिलर खोदने का काम शुरू करने का नाटक क्यों करवाया था। मूलचंद का यह आखिरी झूठ नहीं है। एलिवेटेड रोड का झूठ जनवरी 2022 से ही बोलते आ रहे हैं।
सांप्रदायिकता और बंटवारे की राजनीति कर सत्ता हथियाने वाली भाजपा और उसके जनप्रतिनिधियों ने जनहित के बजाय स्वहित में शासन किया। भाजपा के दस साल के राज में किसी भी विधायक मंत्री द्वारा कोई ऐसा कार्य नहीं कराया गया जो जिसकी दुहाई वो चुनाव में देकर जनता के सामने जा सके। मूलचंद शर्मा भी उन जनप्रतिनिधियों में से हैं। दस साल तक कोई काम तो किया नहीं तो उन्होंने मोहना एलिवेटेड रूट का झुनझुना बजाकर जनता को बल्लभगढ़ की बदलती तस्वीर के सुनहरे सपने दिखाए। क्योंकि सारे दावे हवा हवाई थे, मोदी के इशारों पर नाचने वाले खट्टर ने आका की मर्जी के बिना किसी भी योजना को मंजूरी नहीं दी, मूलचंद का एलिवेटेड रोड भी इसमें शामिल था।
मूलचंद ने जनवरी 2022 में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर के साथ एलिवेटेड रोड बनाए जाने का का जोर शोर से ढोल पीटा था। तब बताया था कि खट्टर सरकार ने प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी। अपने दस साल के शासनकाल में खट्टर ने कितनी मंजूरियां दी उन्हें खुद नहीं पता, जनता को केवल इतना जानती है कि धरातल पर क्या आया। वास्तव में मंजूरी देने में तो लगता कुछ नहीं, कुछ लगता है तो किसी चीज के धरातल पर आने में लगता है, जो कभी आया नहीं।
राजनीतिक जानकारों ने तब ही इसे जुमला घोषित कर दिया था क्योंकि वित्त वर्ष समाप्त होने में केवल दो महीने बचे थे, ऐेसे में प्रोजेक्ट के लिए बजट जारी करना संभव नहीँ था। गूजर-शर्मा की घोषणा घोषणा ही रह गई। फरवरी 2023 में मूलचंद ने फिर झूठ बोला कि सरकार ने एलिवेटेड रोड के लिए 214 करोड़ 93 लाख रुपये मंजूर कर दिए हैं। नया वित्त वर्ष शुरू हुआ तो जनता को मूर्ख बनाने के लिए मई 2023 में जुमला उछाला कि डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बना कर सरकार को भेज दी गई है लेकिन अब संशोधित बजट 192 करोड़ रुपये हो गया है। सवाल ये पैदा होता है कि जिस प्रोजेक्ट की ड्राइंग ही नहीं बनी तो डीपीआर कैसे बन जाएगी। यानी मंत्री ने 214 करोड़ 93 लाख रुपये बजट का झूठ बोला था। सच्चाई ये थी कि न तो डीपीआर बनी, न दस्तावेज़, क़ानूनी पहलू, ज़मीन की उपलब्धता आदि पहलुओं पर कुछ हुआ ही नहीं था। लोकसभा चुनाव का समय आया तो मूलचंद ने दिसंबर 2023 में जनता को फिर यह कहते हुए सब्ज बाग दिखाए कि एलिवेटेड रोड का टेंडर जारी हो गया है और जल्द निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
होना जाना तो कुछ था नहीं ऐसे में लोकसभा चुनाव में कृष्णपाल गूजर को लाभ दिलाने के लिए अधिकारियों से ढिंढोरा पिटवाया गया कि एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए सॉइल (मिट्टी) टेस्टिंग के लिए पचास जगह से नमूने लिए गए हैं। एलिवेटेड रोड निर्माण के दौरान आकाश सिनेमा से लेकर पंजाबी धर्मशाला तक सात सौ मीटर लंबी सर्विस रोड बनाई जाएगी। लोकसभा चुनाव संपन्न हुए तो विधानसभा चुनाव के दिन करीब आने लगे तो मूलचंद कभी नहीं बनने वाले इस प्रोजेक्ट को अपने लिए भुुनाने में लग गए। प्रोजेक्ट की न तो ड्राइंग तैयार थी, न ही जमीन का अधिगृहण किया गया और न कोई जमीनी काम किया गया और मंत्री ने ऊंचागांव में पिलर के लिए गड्ढा खुदवा कर भूमिपूजन का नाटक भी कर डाला। सब दिखावा था तो दो दिन बाद ही सब काम रुक गए, पिलर बनाने के लिए गड्ढे खोदने वाली कंपनी केसीसी भी गायब हो गई। झेंप छिपाने के लिए एक बार फिर सॉइल टेस्टिंग का प्रपंच किया गया।
अब मतदान में एक महीने से कम समय बचा है, टिकट मिलने के बाद बल्लभगढ़ में कई जगह मूलचंद मुर्दाबाद के नारे लगाए गए तो व्यापारियों ने भी दस साल में कुछ नहीं होने का गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि नेताजी आएंगे तो उनसे पूछा जाएगा कि उन्होंने क्या किया? जनता की नाराजगी देख कर मूलचंद ने एक बार फिर लोक निर्माण विभाग के अपने चापलूस एक्सईएन प्रदीप संधू से मीडिया में बयान दिलवा दिया कि प्रोजेक्ट की ड्राइंग पास हो गई है। प्रदीप ने ड्राइंग के बाबत बयान देकर यह साबित कर दिया कि वह और उनके आका यानी मूलचंद शर्मा बीते दो ढाई साल से बल्लभगढ़ की जनता को मूर्ख बना रहे थे। बल्लभगढ़ की जनता का गुस्सा देखकर तो स्पष्ट नजर आ रहा है कि एलिवेटेड रोड की झूठी घोषणाएं उन्हें रसातल में पहुुंचा देंगी।