मंत्री ने जाति पूछी, बोले ‘हरामजादे तुम जैसों को तो कमरे में बंद कर जूतों से मारना चाहिए’

मंत्री ने जाति पूछी, बोले ‘हरामजादे तुम जैसों  को तो कमरे में बंद कर जूतों से मारना चाहिए’
May 06 02:56 2025

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) पहलगाम आतंकी हमले पर धर्म पूछा-जाति नहीं, का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा और उसकी आईटी सेल ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल की करतूत नहीं देखी। उन्होंने अपने ही धर्म के एसडीओ की जाति पूछी और जैसे ही पता चला कि वह दलित है तो गालियां सुनाते हुए उसे कमरे में बंद कर जूतों से मारने तक की धमकी दे डाली। मंत्री जी के अहम की यहीं तुष्टि नहीं हुई, सब अधिकारियों के सामने उसको कान पकड़ कर मंत्री जी से माफी मांगने को मजबूर किया गया। जातिसूचक अपमान और सदमा झेलने के बाद एसडीओ के साथ वही हुआ जो होना चाहिए था, मंत्री जी का अधूरा काम पूरा करा दिया गया और मामला सॉर्ट आउट बता कर करतूतों पर पर्दा डाल दिया गया।

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों के एक वाट्सएप ग्रुप में बीते दिनों 9540954972 नंबर से एक मैसेज डाला गया। खेड़ी कलां के एसडीओ सुनील छावला की ओर से दिया गया मैसेज ज्यों का त्यों प्रकाशित किया जा रहा है। ‘मेरे सभी इंजीनियर मित्रों और वरिष्ठों को सूचित किया जाता है कि मेरे साथ हुई एक दुखद कहानी के अनुसार दिनांक 20-04-25 रविवार को एसई (ऑपरेशन) फरीदाबाद द्वारा मंत्री विपुल गोयल के साथ सेक्टर 16 सागर सिनेमा स्थित मंत्री कार्यालय में अचानक बैठक बुलाई गई थी। बैठक में उस समय एसई जितेंद्र ढुल सर, एसडीओ रविंदर डागर, एसडीओ केसी धीमन मंत्री विपुल गोयल के कक्ष में उपस्थित थे। 50 एमएम केबल की अनुपलब्धता के कारण मेरे क्षेत्र में एक काम लंबित था। यही बात एसई सर के संज्ञान में भी थी कि स्टोर में 50 एमएम साइज की केबल उपलब्ध नहीं है जिसके कारण काम लंबित है। साथ ही मैंने एसई फरीदाबाद के मौखिक निर्देश के अनुसार उच्च साइज यानी 95 एमएम केबल निकालने के लिए जेई को भेजा था लेकिन स्टोर द्वारा इसे प्रदान नहीं किया गया क्योंकि 95 एमएम साइज की केबल का आवंटन(एलोकेशन) नहीं हुआ था जिसके कारण काम करने मे देरी हुई। उसके बाद मंत्री महोदय ने मुझे गाली देना शुरू कर दिया और मुझे सस्पेंड करने के लिए बिजली मंत्री अनिल विज साहब को फोन कर दिया।

इस बातचीत के दौरान मंत्री महोदय ने मुझसे मेरी जाति पूछी और जब मैंने अपनी जाति मंत्री जी को बताई तो एसई साहब ने मंत्री जी को बताया कि ये अनुसूचित जाति कैटेगरी मे आता है। इसके बाद मंत्री जी अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे और कहा कि हरामजादे तुम जैसों को तो कमरे मे बंद करके जूतों से मारना चाहिए उसके बाद वहा एक्सईएन संजय मंगला सर तथा एसडीओ कुलदीप यादव जी भी आ गए और उन सभी के सामने मंत्री जी ने मुझ अकेले से कान पकड़वा कर माफी मंगवाई। सुनील छावला आगे लिखते हैं कि इस घटना के कारण मैं बहुत व्यथित महसूस कर रहा हूं इसलिए मैं अपने सभी वरिष्ठों और दोस्तों से अनुरोध करता हूं कि कृपया मदद करें, आज मेरे साथ ऐसा हुआ है और किसी के साथ भी हो सकता है।

सुनील छावला की इस अपील का बिजली निगम में बैठे, बिना रीढ़ वाले और नेता-मंत्रियों की जूतियां सीधी करने को ही ड्यूटी समझने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी पर कोई असर नहीं हुआ। उल्टे दलित कर्मचारी पर ही जुबान बंद रखने का दबाव बनाया गया। किसी को अपमानित दलित साथी का ख्याल तो नहीं आया लेकिन मंत्री जी का फरमान पूरा कराने के लिए सारे काम छोड़ कर सब जुट गए। भारत कॉलोनी की एक गली में खराब हुए 50 एमएम केबल को बदलने के लिए किसी के मुंह से यह नहीं निकला कि 50 एमएम केबल की आवश्यकता है काम कराना है तो सरकार पहले उसकी व्यवस्था कराए। इसके बजाय लगभग दोगुनी क्षमता वाला और अपेक्षाकृत बहुत महंगा 95 एमएम का केबल डाल दिया गया, जिसकी वहां जरूरत नहीं थी, यानी मंत्री की खुशी के लिए जनता के खून पसीने की कमाई का दुरुपयोग किया गया।

मंत्री जी के अहम की तुष्टि होते ही अधिकारियों ने भी मान लिया किया मंत्री द्वारा सुनील छावला का अपमान भी केबल लगाते ही धुल गया। संदर्भवश सुधी पाठकों को बता दें कि बिजली निगम में आवश्यक उपकरण, सामान, पाट्र्स का टोटा हमेशा ही बना रहता है। कहीं लाइन बिछाई जानी है, पहले तो खंभों नहीं आते, खंभे आए तो तार उपलब्ध नहीं होता, तार आ जाता है तो क्लैंप, नट बोल्ट खत्म हो जाते हैं। नटबोल्ट आए तो कपलर- इंसुलेटर गायब रहते हैं। इसी कारण जो काम एक महीने में होना होता है वह कई महीनों तक खिंच जाता है। स्टोर में कोई सामान है या नहीं जेई या एसडीओ इसकी जानकारी आला अधिकारियों को दे सकता है, उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करना आला अधिकारियों और सरकार का काम है। मंत्री जी ये तो कर नहीं पा रहे लेकिन बेचारे छोटे कर्मचारियों से सत्ता की मद में अभद्रता कर खुद को आका समझने की भूल कर रहे हैं। इस बारे में जब सुनील छावला से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा कि वो मामला तो सॉर्ट आउट कर लिया गया। जानना चाहा कि कैसे? क्या मंत्री ने माफी मांगी या कर्मचारियों ने उनका समर्थन किया? इस पर उनका कहना था कि एसई साहब ने मंत्री जी की प्रॉब्लम सॉर्ट आउट करवा दी है और फोन काट दिया।

कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के व्यवहार से स्पष्ट है कि भाजपा हिंदुत्व और हिंदूवाद का इस्तेमाल केवल वोट हासिल करने के लिए करती है, सत्ता में आते ही हिंदू जातियों में बंट जाता है। वैसे इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि विपुल गोयल ने एक सरकारी कर्मचारी को जातिसूचक गालियां दीं, दरअसल, वह भी उसी संघी-मनुवादी भाजपा से हैं जो भारत के संविधान को रोज रोज कमजोर कर खत्म करने में लगी हैं।

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Mazdoor Morcha
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