मंत्री होकर पत्रकार से गुुंंडई, शोभा नहीं देती

मंत्री होकर पत्रकार से गुुंंडई, शोभा नहीं देती
August 19 00:09 2024

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) विकास के हवा-हवाई राग अलापने वाले केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर को मज़दूर मोर्चा डिजिटल के पत्रकार द्वारा सच्चाई से रूबरू कराना नागवार गुजरा, पत्रकार ने जब कुछ दिन पूर्व नाले मेें डूब कर मरने वाले प्रिंस और सेक्टर 22 श्मशान घाट के सामने सड़क पर बनाए गए गड्ढे में गिरकर विमल उर्फ बब्लू की मौत होने का सवाल किया तो जवाब देने के बजाय वो अपनी असलियत पर उतर आए और गुुंंडई करते हुए उसके हाथ पकड़ कर झिंझोड़ दिया।

उनकी खिसियाहट समझ में आती है, दरअसल, वो झूठी घोषणाएं कर वाहवाही लूटने के आदी हो चुके हैं। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े मोहना रोड के नाले में डूब कर 23 वर्षीय प्रिंस की मौत के सवाल पर संवेदना जताने के बजाय गूजर तो अपनी सरकार और भ्रष्टाचारियों का पक्ष लेते नजर आए। पत्रकारिता छोड़ चाटुकारिता में जुटे कथित पत्रकारों के लिए भी युवक की मौत जैसे गंभीर मुद्दे से ज्यादा जरूरी गूजर की खुशामद करना ही नजर आया।

दरअसल, संघ की शाखाओं में सवाल नहीं पूछने और केवल जी हुजूरी करने की कला सीख कर निकले गूजर अब पत्रकारों से भी वही अपेक्षा करते हैं कि उनसे कोई सवाल न किया जाए बल्कि वो जो भी झूठ-सच बताएं पत्रकार भी उनकी हां में हां मिलाएं। अगर किसी पत्रकार ने उनकी नाकामियां गिनानी शुरू कर दीं या जनहित से जुड़े सवाल पूछे तो आपे से बाहर होकर उसका माइक झटकने जैसा निर्लज्ज काम कर अपनी संघी संस्कृति का परिचय बेशर्मी से देते हैं। गूजर जी को यह नहीं भूल जाना चाहिए कि सत्ता केवल पांच साल के लिए ही मिलती है और जनता आपको सेवक के रूप में चुनती है न कि शासक के रूप में। अगर जनता की मंशा के अनुरूप काम नहीं किए तो आपका ओहदा छीन कर आपको आम आदमी की श्रेणी में खड़ा करना जानती है। वो तो इसी बार जनता ने आपको सबक सिखा दिया था लेकिन चुनाव आयोग की मेहरबानियां जनता की आवाज पर भारी पड़ गई वरना सच्चाई तो सबको मालूम है।

भ्रष्टाचार के नाले में गिरकर प्रिंस की मौत पहली नहीं है, एक महीने पहले ही मुजेसर में श्मशान घाट के पास एफएमडीए द्वारा बीच सड़क में खोदे गए गड्ढे में गिरकर विमल उर्फ बल्लू की मौत हो गई थी। एफएमडीए ने सड़क पर किए गए इस गड्ढे के लिए कोई संकेतक नहीं लगाया था। घोषणाएं करने में माहिर मंत्री गूजर को भविष्य की योजनाएं गिनाकर अपनी पीठ थपथपाने से पहले दो युवाओं की मौत के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते, लेकिन ऐसा न करके उन्होंने बता दिया है कि वे और उनकी सरकारें भ्रष्टाचारियों के न केवल साथ हैं बल्कि उन्हें संरक्षण भी दे रही हैं।

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Mazdoor Morcha
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