फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) । यातायात पुलिस ने बीते सोमवार को नीलम चौक और स्पोट्र्स कॉंप्लेक्स रोड पर बने बड़े बड़े गड्ढों को मलबा डलवा कर भरवाया ताकि आने-जाने वाले को दिक्कत न हो और जाम की स्थिति न बने। सड़क पर बने गड्ढों की मरम्मत करने का काम यातायात पुलिस का नहीं है, लेकिन हर काम में केवल कमीशनखोरी और हरामखोरी करने वाले नगर निगम के निकम्मे अधिकारी तब तक किसी काम को हाथ नहीं लगाते जब तक उसमें उनकी मोटी कमाई का जुगाड़ न हो।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल यादव के अनुसार नीलम चौक पर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बरसात में जलभराव होने पर ये गड्ढे और खतरनाक साबित हो रहे थे। दोपहिया वाहन चालक इनमें फंस कर चोटिल होते तो चार पहिया वाहन चालकों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ता। दिक्कत सुबह शाम काफी बढ़ जाती, इस समय वाहनों की आवाजाही बहुत ज्यादा होती है लेकिन गड्ढों के कारण यातायात बाधित होने से जाम लग जाता है। सूत्रों के अनुसार जिला प्रशासन की समन्वय बैठकों में यातायात पुलिस द्वारा सड़कों के गड्ढे भरवाने के लिए बार बार मांग की गई लेकिन नगर निगम या संबंधित विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। बरसात में समस्या और बढ़ गई है।
सुधी पाठक जान लें कि नीलम चौक 102 करोड़ से बनाई जाने वाली पेरिफेरल रोड का ही हिस्सा है। यह पेरीफेरल रोड मंत्री गूजर और विधायक सीमा त्रिखा के चहेते ठेकेदार गांधी ने बनाई थी। मंत्री-विधायक, अधिकारियों को ठेके में मोटी हिस्सापत्ती देने वाले गांधी ने प्रोजेक्ट में न केवल घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया, ग्रीन बेल्ट, ग्रिल, साइकिल ट्रैक, फुटपाथ भी नहीं बनाए, डीपीआर के आधार पर इन्हें भी बनाया जाना था। पेरीफेरल रोड को हैंडओवर किए अभी पांंच साल पूरे नहीं हुए हैं यानी किसी भी तरह की टूट फूट की मरम्मत की जिम्मेदारी ठेकेदार गांधी की है।
गांधी की मौत के बाद कंपनी की बागडोर संभालने वाले उसके बेटे ने केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर के एक रिश्तेदार से मिलकर चलानी शुरू कर दी है। इसलिए निगम के अधिकारियों की हिम्मत नहीं है कि वे गड्ढे भरने के लिए ठेकेदार कंपनी पर दबाव बनाएं। लूट कमाई में माहिर निगम के अधिकारी जब जनहित के नाम पर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर हूडा के सेक्टरों में काम करा सकते हैं तो नीलम चौक पर बने गड्ढे भी भरवा सकते हैं लेकिन यहां मोटी कमाई की उम्मीद नहीं होने के कारण प्रशासनिक बैठकों में मांग होने के बावजूद इसकी अनदेखी करते हैं।
स्पोर्टस काम्प्लेक्स के पास तो सड़क के बीचोबीच काफी चौड़ा और गहरा गड्ढा हो गया था। इस गड्ढे में कोई भी पैदल यात्री या दोपहिया वाहन सवार पूरी तरह समा जाता, कारें तो फंस ही जातीं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह सड़क भी दो साल पहले ही बनाई गई थी। डीसीपी यातायात ऊषा (एचपीएस) ने बताया कि स्पोट्र्स कॉंप्लेक्स के पास हुए बड़े से गड्ढे के कारण कोई बड़ा हादसा हो सकता था, इसके मद्देनजर फौरी तौर पर उसे मलबा डलवा कर भरवा दिया गया है।
अगर इस गड्ढे को नगर निगम के निकम्मे अधिकारियों के भरोसे छोड़ दिया जाता तो जब तक ये भरा जाता उससे पहले तो कई वाहन चालक हादसों का शिकार हो चुके होते। ऐसा भी नहीं है कि सिर्फ इन्हीं सड़कों पर गड्ढे हों, बाटा पुल के गड्ढों के कारण भी वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बडख़ल रोड, एनआईटी-3 मस्जिद चौक से सैनिक कॉलोनी मोड़ वाली सड़क जगह जगह टूटी हुई है, चिमनीबाई चौक से ईएसआई चौक तक सड़क जगह जगह खस्ता है। इन सड़कों पर भी जाम लगता है लेकिन प्रशासन और निगम के अधिकारियों को जनता को होने वाली दिक्कत से कोई सरोकार नहीं है।