कर्ज़े नीच्चै सांस फूलगी!

कर्ज़े नीच्चै सांस फूलगी!
January 06 00:38 2025

ओमसिंह अशफाक

म्हारी कर्ज़े नीच्चै सांस फूलगी,
तू करता फिरै किल्लौ़ल रै बाबा!

म्हारे लित्तर गेल्यांई तल़वे घिसगे,
तू उडऩ खटोल्ले में डौल रै बाबा!

दिके लाल रेत में छाल्ले पडग़े,
ना असर करै बरनोल रै बाबा!

हम एमएसपी की रहे बाट देखते,
तू रह्या करता टाल-मटौल रै बाबा!

हम झूठ्ठे वादे कद चाहवां थे,
तू देत्ता नापतौल कै बोल रै बाबा!

सात सौ माणस नै जान खपादी,
ये वेल्लड़ करैं मखौल रै बाबा!

ये हरे जख़म पै नूंण छिड़क दें,
म्हारे दिल में उठ्ठैं हौल रै बाबा!

हम अमन के रस्ते चाल्लण आल,
नातै कर देन्दे छितरौल रै बाबा!

सब कुछ सहकै भी बाट देखरे,
कद बजै जीत का ढोल रे बाबा!

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Mazdoor Morcha
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