करनाल। ये क्या खेला है भाई ! पहले सरकारी बुल्डोजर महाराज के प्रहारों से ”प्राईवेट लाइसेंसी कॉलोनियों” के प्लॉटों की सेल को परोक्ष रूप से ऊंचा उठाया गया था और अब इन कॉलोनियों के कलैक्टर रेट में अप्रत्याशित वृद्धि करके इनकी कमर तोड़ दी गई ! क्या अब शहर में चौतरफ़ा पांव पसार रही अवैध कॉलोनियों के प्लॉटों की सेल को हाई लेवल पर ले जाने की गुप्त स्कीम चला दी गई है।
ग़ौरतलब है कि बिना लाइसेंस वाली प्राइवेट कॉलोनियां कानूनी रूप से अवैध हैं और इनमें प्लॉटों की रजिस्ट्रियां तक पर रोक है, लेकिन इनमें कथित रूप से प्रभावशाली अवैध कॉलोनी माफिया, भ्रष्ट अधिकारियों और राज नेताओं का अरबों रुपए का काला धन यानि आऊट ऑफ बुक्स खपाया जा रहा है। यही वजह है करनाल में अवैध कॉलोनियों के लिए एक एक एकड़ एग्रीकल्चर लैंड को घोषित कलैक्टर रेट से परे पंद्रह करोड़ रुपए में खरीदा जा रहा है। ये खरीददारी करनाल शहर और उसके चारों तरफ खूब तेजी से चल रही है। दरअसल अवैध कॉलोनियों का धंधा अरबों रुपए का काला धंधा है। इसकी ओर से ED, आयकर विभाग के अलावा नगर निगम से लेकर ष्ठञ्जक्क विभाग तक ने अपनी आंखे मूंद रखी हैं, क्योंकि काले अवैध धंधे में मुख्यत: लोग या तो सत्ता पक्ष से संबंधित हैं या फिर उसके नजदीकी..।