करनाल (हरियाणा) कांग्रेस के पूर्व पूर्व विधायक भाजपा का दामन थामते ही कांग्रेस में बुराइयां नजर आने लगी हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार त्रिलोचन सिंह खुद को भाजपाई साबित करने के लिए कांग्रेस द्वारा किए गए सारे अहसान भुलाकर सच्चे-झूठे आरोप लगाएंगे ही। वह भी भाजपा के सुर में सुर मिलाकर यदि अब मुसलमान, पाकिस्तानप, खालिस्तान करने लगें तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
इसी कड़ी में उन्होंने सुमिता सिंह पर हमला बोलते हुए त्रिलोचन सिंह ने कहा कि “सुमिता सिंह पाकिस्तान से मिली हुई हैं। उन्होंने भी मेरी हार सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।” आरोप लगाया कि सुमिता सिंह ने उनके खिलाफ साजिश रची और उन्हें चुनाव हराने के लिए पूरा जोर लगाया।
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए त्रिलोचन सिंह ने कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी मनोज वाधवा पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा कार्यालय “करण कमल” में आयोजित एक बैठक के दौरान त्रिलोचन सिंह ने खुलासा किया कि जब उन्होंने चुनाव लड़ा था, तब मनोज वाधवा कांग्रेेस छोड़कर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समर्थन में चले गए थे और उनकी पीठ में “छुरा घोंपा” था।
मनोज वाधवा पर भ्रष्टाचार के आरोप त्रिलोचन सिंह ने आरोप लगाया कि मनोज वाधवा के विभिन्न संस्थानों पर ईडी (एक्साइज डिपार्टमेंट) की रेड हो चुकी है और उनके खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था। यह भी कि मनोज वाधवा ने अपने भाई की मौत के बाद भाजपा पर झूठे आरोप लगाए थे, जबकि असली सच्चाई कुछ और थी। पूर्व विधायक सुमिता सिंह पर हमला बोलते हुए त्रिलोचन सिंह ने कहा कि “सुमिता सिंह पाकिस्तान से मिली हुई हैं। उन्होंने भी मेरी हार सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।” उन्होंने आरोप लगाया कि सुमिता सिंह ने उनके खिलाफ साजिश रची और उन्हें चुनाव हराने के लिए पूरा जोर लगाया।