करनाल (मज़दूर मोर्चा) कांग्रेस प्रत्याशी शमशेर सिंह गोगी के मुकाबले बुरी तरह से हारने जा रहे योगेन्द्र राणा को बचाने पहुंचे यूपी के सीएम योगी। पिछले सप्ताह को असंध की एक चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए योगी ने न केवल जमकर झूठ के गोले छोड़े बल्कि जातीय वैमनस्यता फैलाने का भी प्रयास किया। साढ़े नौ साल तक हरियाणा को बर्बाद करने वाले जिस खट्टर को भाजपा नेतृत्व मंच पर लाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा, उसका गुणगाण करते हुए योगी ने हरियाणा में उनके द्वारा किए गए अद्वितीय विकास का झूठा प्रचार पूरी बेशर्मी से किया।
तमाम कॉलेज में मेडिकल कॉलेज खोलने तथा कुटेल (करनाल) में मेडिकल यूनिवर्सिटी खोलने को एक बड़ी उपलब्धता बताया। योगी भले ही न जानते हों कि खट्टर ने अपने कार्यकाल में कोई नया मेडिकल कॉलेज नहीं बनाया। फरीदाबाद के छांयसा में जो बना-बनाया मेडिकल कॉलेज इनके गले में आ पड़ा वही इनको चलाना भारी पड़ रहा है। इसके अलावा पुराने पांच मेडिकल कॉलेजों में दस गुणा फीस वृद्धि के बावजूद भी न तो वहां पर्याप्त स्टा$फ है और न आवश्यक उपकरण आदि। मेडिकल यूनिवर्सिटी के नाम पर कुटेल गांव की 50-60 एकड़ बेशकीमती ज़मीन पर कब्जा तो खट्टर सरकार ने जरूर कर लिया लेकिन यूनिवर्सिटी का तो अता-पता नहीं।
जातीय वैमनस्य फैलाते हुए योगी ने अपने भाजपाई उम्मीदवार को महारणा प्रताप व अन्य राजपूत योद्धाओं से जोड़ कर राजपूतों को भाजपा से जोडऩे का प्रयास किया। धर्म के नाम पर यूपी के साथ-साथ देश भर में धार्मिक जहर फैलाने वाले योगी ने राम मन्दिर का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्होंने जो राम मन्दिर नहीं बनवाया, उसे भाजपा ने बनवा दिया। योगी के लिये धर्म की दुकान चलाने के लिये राम मन्दिर महत्वपूर्ण हो सकता है जबकि नेहरू के लिये तो एम्स, आईआईटी बड़े-बड़े फौलाद व अन्य कारखाने तथा भाखड़ा बांध कहीं अधिक महत्वपूर्ण थे। उन्हीं के द्वारा बनाए गए कारखानों को बेच कर आज मोदी सरकार अपना गुजारा कर रही है।
कश्मीर को लेकर जनता को गुमराह करते हुए उन्होंने 370 का बखान भी किया। लेकिन ये नहीं बता पाये कि 370 लगे रहने से क्या नुक्सान हो रहा था और उसके 370 हटने से क्या लाभ हो गया? सर्वविदित है कि भारत का पूरा संविधान एवं कानून कायदे वहां पर भी लागू हैं।