फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सोने के बिस्कुट मांगने और पांच लाख का लहंगा पहनने वाली मोना मैडम की डिमांड दिन ब दिन बढ़ती जा रही हैं। यह जानने के बाद भी कि सरकार ने उनके पांच लखा लहंगे की जांच शुरू कर दी है, बावजूद इसके वह आए दिन कभी अस्सी हजार तो कभी एक लाख रुपये कीमत वाले नजराने की डिमांड कर देती हैं। निगम में चर्चा करने वाले जानकारों की मानें तो करीब एक लाख रुपये के नजराने की डिमांड पर उनके मुंहलगे एक्सईएन नितिन कादियान ने ना नुकुर की तो मैडम ने उसे तुरंत घुटनों पर ला दिया। अपनी औक़ात समझ कादियान ने न सिर्फ मैडम की डिमांड पूरी की बल्कि आइंदा कोई गलती नहीं करने की कसमें भी खाईं।
निगम सूत्रों के अनुसार मज़दूर मोर्चा के 29 दिसंबर से 4 जनवरी 2024 अंक में ‘चर्चा में है मैडम का पांच लाख का लहंगा’ शीर्षक से छपी खबर का स्थानीय शहरी निकाय मुख्यालय ने संज्ञान लिया और इसकी जांच भी शुरू करा दी गई। भरोसेमंद सूत्र बताते हैं कि मुख्यालय ने जानकारी मांगी है कि मैडम एचसीएस अधिकारी किसी लांबा के बेटे की शादी में शामिल होने गईं थीं? अगर गईं थीं तो उन्होंने क्या कपड़े पहने थे, यदि लहंगा पहना था तो उसकी फोटो भी लगाई जाए। जांच अधिकारियों ने बाकायदा रिपोर्ट बना कर और शादी में लहंगा पहने हुए मैडम की फोटो भी सुबूत के तौर पर रिपोर्ट में नत्थी कर भेज दी है।
यहां खास बात यह है कि मैडम आईएएस हैं तो उनके खैरख़्वाहों ने उन्हें भी इस जांच की जानकारी पहुंचा दी होगी। इसके बावजूद मैडम को कुछ फर्क नहीं पड़ा, बताया जा रहा है कि मैडम ने अपनी जिस पीए रवि को गणतंत्र दिवस पर उत्कृष्ट सेवा का पुरस्कार दिलवाया है, वह रवि उनकी डिमांड निगम के मातहत अधिकारियों तक पहुंचा कर तुरंत पूरा करने का फरमान सुनाती है।
चर्चा है कि पांच लाख का लहंगा पहनने के कुछ दिन बाद ही मैडम ने अपनी पीए रवि के जरिए नशेड़ी बताए जाने वाले अपने चहेते एक्सईएन नितिन कादियान को 80 से 90 हजार रुपये की फटीग पूरा कराने का हुक्म भिजवाया। बताते हैं एक्सईन ने तु्ंरत ही चिलम लगाई थी और नशे की पिनक में था कि पीए रवि उसके कार्यालय में पहुंच गईं और मैडम का फरमान सुना डाला। गांजा फूंक कर शेर बन चुके कादियान को पीए की बात अच्छी नहीं लगी और लगभग डांटने के अंदाज में कह बैठा कि क्या मैडम को तोडफ़ोड़ विभाग नहीं दिखता जो इतना मोटा कमा रहा है, मैं नहीं करने का यह काम, जाकर मैडम से कहो कि किसी दूसरे विभाग से भी कुछ मांग लिया करें।
रवि ने शब्द ब शब्द सारी बातें मैडम को जा सुनाईं, फिर क्या था, मैडम का पारा हाई हो गया। जो एक्सईएन मैडम के नाम पर ठेकेदारों को लूट रहा हो, वह उनकी अदना सी डिमांड पूरी करने से इनकार कैसे कर सकता है। मैडम उसके पर कतरने की तैयारियां करने लगीं। कादियान को जैसे ही यह पता चला, सीधे कैंप ऑफिस पहुंच कर उसने मैडम के पैर पकड़ लिए, इसे अपनी पहली और आखिरी गलती बताते हुए सिर्फ एक बार क्षमा करने को कहने लगा। कादियान को औक़ात याद दिलाकर ही मैडम का गुस्सा शांत हुआ और आइंदा ऐसी हरकत करने पर खतरनाक अंजाम भुगतने की धमकी देकर डिमांड जल्द से जल्द पूरी करने का हुक्म सुनाते हुए कादियान को चलता किया। बेचारे कादियान ने बाहर निकलते ही मैडम के प्रति अपने दिल का सारा गुबार निकाल डाला, लेकिन इसके साथ ही फरमाबरदार की तरह सबसे पहले मैडम की 80-90 हजार की डिमांड भी पूरी कर उन्हें काम पूरा करने की खुशखबरी सुनाकर ही राहत की सांस ली। निगम में कर्मचारी कादियान की आपबीती सुना कर आपस में मजे ले रहे हैं।
यह घटना तो अपनी जगह लेकिन जो समझने वाली बात है वह यह कि मैडम को अपने खिलाफ जांच होने की जानकारी है, बावजूद इसके वह डिमांड पर डिमांड कर रही हैं, इसका अर्थ है कि उनके दिल में कार्रवाई का कोई खौफ नहीं है, वह जानती हैं कि इस तरह की जांच केवल प्रशासनिक नौटंकी ही होती हैं और कुछ नहीं। इसका कारण भी है, निगम में दो सौ करोड़ के घोटाले के बाद से कई और घोटाले उजागर हो चुके हैं लेकिन आज तक किसी की जांच ही पूरी नहीं हुई तो दोषी को सजा दिए जाने की बात ही बेमानी है। वैसे मोना ए श्रीनिवास मैडम को भ्रष्टाचार का पुराना अनुभव भी है। जानकारों द्वारा बताया जाता है कि उनके कैथल में डीसी रहते हुए जिला परिषद में करोड़ों रुपये के वाउचर घोटाले का खुलासा हुआ था, इस मामले में उन्हें भी सह आरोपी बनाया गया था, हालांकि कोर्ट में उनके वकील ने बताया था कि यह घोटाला मोना ए श्रीनिवास ने ही खोला था।
सच्चाई तो जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी लेकिन जिस तरह भाजपा सरकार में किसी भी घोटाले की जांच ही पूरी नहीं होती इसकी भी नहीं ही होगी। मैडम मोना ए श्रीनिवास को भी यह बखूबी मालूम है इसीलिए जांच को जूते की नोक पर रख कर बेखौफ अंदाज में ठेकेदारों के जरिए मातहतों से अपनी ख्वाहिशें पूरी करा रही हैं। उन्हें मालूम है कि यदि जांच हो भी गई लहंगे की कीमत भी पांच लाख रुपये साबित हो जाएगी तो भी आईएएस लॉबी तो उनके साथ खड़ी होगी, ऐसे में पूर्व विधायक नीरज शर्मा की नजर में डमी सीएम नायब सिंह सैनी आईएएस मोना ए श्रीनिवास के खिलाफ लगता नहीं कि कुछ कर पाएंगे।
मैडम के पैरों पर गिर पड़ा कादियान मैडम की 80-90 हजार की डिमांड पर नाक भौं सिकोडऩे वाला एक्सईएन उनके नाराज होते ही तुरंत उनके कदमों पर गिर पड़ा, इसका कारण बताया जा रहा है कि वह मैडम का नाम लगाकर ठेकेदारों से मोटी वसूली करता ही रहता है। यदि मैडम उसे लात मार देतीं तो उसकी जगह कोई और ले लेता, ऐसे में उसकी मोटी ऊपरी कमाई खत्म हो जाती। कादियान की ऐसी ही एक हरामखोरी वाली मांग चर्चा में है। बताया जा रहा है कि कादियान की गर्लफ्रेंड ने उससे आईफोन की मांग की थी। अब गर्लफ्रेंड की डिमांड कैसे ठुकराई जा सकती थी तो कादियान ने तुरंत ही एक जेई जिसका नाम मनोज बताया जा रहा है, को पकड़ कर किसी ठेकेदार से सवा लाख रुपये कीमत वाला आईफोन लाने को कहा। समझा जा सकता है कि ठेकेदार तक यह डिमांड मैडम मोना का नाम लेकर ही पहुंचाई जाती है। बताया जा रहा है कि मनोज तो अपने आका से भी दो हाथ आगे निकला, उसने एक नहीं तीन-तीन ठेकेदारों से आईफोन की डिमांड कर दी। माना जा रहा है कि मनोज की मंशा थी कि तीन आईफोन मिलने पर एक मैडम को, दूसरा आका कादियान को देता और तीसरा वह खुद रखता। यह बात किसी तरह तीनों ठेकेदारों को पता चल गई और इसका खुलासा हो गया। हालांकि कादियान और मनोज ने इस घटना को दबाने की भरसक कोशिश की लेकिन कानाफूसी के जरिए पूरे निगम में उनकी यह करतूत फैल चुकी है।
शहर के नागरिकों को समझ लेना चाहिए कि ये लहंगे, ये आईफोन ये फटीगें न तो जेई मनोज न ही एक्सईएन कादियान और न ही ठेकेदार अपने घर से देने वाले हैं यह सारा माल शहर के करदाताओं से ही वसूला जा रहा है, मजे की बात यह है कि अपना खून निचुड़वाने के बाद भी शहर के मतदाता तरह तरह की अंधभक्ति की अफीम खाकर नशे में धुत्त हैं।