हिन्दू को खतरा किस से

हिन्दू को खतरा किस से
August 21 09:20 2022

डॉ. भूपसिंह
1. अभी हाल में दो जानकारियां सामने आई हैं। वैसे तो इस प्रकार की बहुत सारी अत्यन्त गम्भीर जानकारियां देश में दबी पड़ी हैं, कभी कभार कुछ सार्वजनिक हो पाती हैं। पहली जानकारी दवा कम्पनी माइक्रो लैब पर आयकर छापे के दौरान मिली कि कम्पनी ने विभिन्न रूपों में डाक्टर्स को एक हजार करोड़ की रिश्वत दी। यह कम्पनी पैरासिटामोल (डोलो) दवा बनाती है। डोलो के पन्द्रह गोलियों के पैकेट की कीमत तीस रुपए है। साधारण सी दवा बनाने वाली कम्पनी एक हजार करोड़ की रिश्वत डाक्टर्स को देती है ताकि उस की दवा ’यादा बिक सके तो मंहगी दवा व उपकरण बनाने वाली कम्पनियां कितनी रिश्वत लेती होंगी और यह धन्धा मरीजों पर कितना भारी पड़ता होगा इस का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। डाक्टर्स को रिश्वत पैसे, कार, उपकरण, लडक़ी सप्लाई, विदेश भ्रमण आदि के रूप में दी जाती है। इस रिश्वत को प्रधानमन्त्री, सर्वो‘च न्यायालय और मेडिकल कौंसिल अवैध, अनैतिक और गलत बता चुके हैं। मोदी जी सार्वजनिक रूप से इस कार्य को गलत बता रहे हैं और उन की वित्तमन्त्री निर्मला सीतारमण इस प्रकार की रिश्वत पर टैक्स लगा कर इस को वैधानिक बना रही है क्योंकि टैक्स देने पर यह दण्डनीय अपराध नहीं रह जाता।

दूसरी जानकारी सार्वजनिक हुई है कि पिछले कुछ समय में मोदी जी ने कुछ बड़े पूंजीपतियों के 11 लाख करोड़ के लोन माफ किए हैं। अडानी के 72 हजार करोड़ लोन के माफ हुए और 12 हजार करोड़ के लोन की एसबीआई बैंक की गारंटी सरकार ने दी। डी एच एफ एल कम्पनी को 42 हजार करोड़ का लोन सरकार ने दिलवाया। इस कम्पनी ने भाजपा को 27 करोड़ का चन्दा दिया और किसी प्रकार की जांच पड़ताल से मुक्त हुई (प्रफुल्ल शारदा आरटीआई रिपोर्ट)।

2. इन सब का अभिप्राय क्या है ? (क) सरकार बड़ी बड़ी कम्पनियों और खासकर दवा कम्पनियों और बहुराष्ट्रीय अमेरिकी कम्पनियों की किसी भी गतिविधि के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर सकती। (ख) कम्पनियां पैसे के बल पर सरकार से अपने हक में कानून बनवा लेती हैं। (ग) देश के पैसे और संसाधनों पर बड़े पूंजीपतियों और देशी विदेशी कम्पनियों का अधिकार हो जाता है। (घ) अर्थव्यवस्था पर अधिकार होने पर रा’यसत्ता पर अधिकार हो जाता है, जैसे ईस्ट इंडिया कंपनी ने किया था। (ङ) बड़ी बड़ी कम्पनियां अमेरिकी कम्पनियां हैं जिन का स्वामित्व ईसाई या यहूदियों का है। ईसाई यहूदी के राय में हिन्दू हित कितने सुरक्षित हैं – इतिहास से जान लें।

पचास हजार अग्निवीरों को बीस हजार प्रतिमाह की पैंशन अकेले अडानी के 72 हजार करोड के लोन से साठ साल तक दी जा सकती है। 2& फसलों की रूस्क्क पर पूरी खरीद लगभग 17 लाख करोड़ में हो सकती है। आधी फसल बिक्री के लिए आए तो साढ़े आठ लाख करोड़ चाहियें। मुख्य रूप से ’यादा बिक्री धान, गेहूं, गन्ना, सरसों, चना, मक्का, कपास, बाजरा आदि की होती है अर्थात् 2& में से लगभग एक तिहाई फसलों की रूस्क्क पर बिकने की मांग मुख्य है तो इस प्रकार लगभग चार लाख करोड़ की आवश्यकता होगी। सरकार रूस्क्क पर खरीद कर के गऱीबों को एक चौथाई भाव पर सस्ता बेचे तो एक लाख करोड़ की बिक्री होने से सरकार को किसानों को रूस्क्क देने में तीन लाख करोड़ चाहियें। लगभग औसत प्रतिवर्ष छ: लाख करोड़ बड़े पूंजीपतियों के विभिन्न रूपों में माफ होते हैं। तीन लाख करोड़ 75 करोड़ किसानों में जाएगा और छ: लाख करोड़ पांच सौ छ: सौ पूंजीपतियों में जाता है। मुसलमान से खतरा बता कर वोटों का ध्रुवीकरण कर के सरकार बना कर कार्पोरेट हक में कार्य करते हुए नौजवान वह किसान को कमजोर करते जाना, यह खतरा मुसलमान से है या नीतियों से है ?

4. भूतकाल में पाकिस्तान को हथियार व आर्थिक सहायता दे कर भारत के विरुद्ध खड़ा करना मुसलमान के कारण था या अमेरिका के कारण? वर्तमान में पाकिस्तान को हर प्रकार की सहायता मुसलमान थे रहा है या चीन दे रहा है ?

5. देश के लोगों को बौद्धिक, शारीरिक व आर्थिक दृष्टि से मजबूत करना वास्तविक सुरक्षा है। मुसलमान का खतरा प्रचारित कर के वोटों का ध्रुवीकरण कर के सरकार बनाना, समाज को मत, पन्थ, जात पात में बांटना, देश को गुलामी की तरफ धकेलना असली खतरा है। हम इस खतरे को जितना शीघ्र समझें उतना ही बचाव है नहीं तो सावधानी हटी और दुर्घटना घटी वाली बात तय है।

6. सरकार में बैठे लोग भी समझ लें कि बहुत शीघ्र ही बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का शिकंजा कसने पर उन की सब की स्थिति कम्पनियों के कारिन्दे या एजेंट से अधिक नहीं होगी और ये लोग देश के लोगों को कम्पनियों के गुलाम बनाने के अपराधी होंगे। बीजेपी की नीतियां देश को गुलामी की ओर ले जा रही हैं, अन्धभक्तों को चेतावनी है कि जब देश गुलाम हो जाएगा तो जिन की तुम भक्ति कर रहे हो उन की औकात ही कुछ नहीं होगी तो तुम्हें कौन पूछेगा। चिडय़िा खेत चुग जाने के बाद चेतने का कोई लाभ नहीं होगा। चीजें स्पष्ट हैं, निर्णय आपने लेना है।

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Mazdoor Morcha
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