हमारा खेत, हमारा अधिकार के तहत होगा विरोध

हमारा खेत, हमारा अधिकार के तहत होगा विरोध
February 14 06:53 2026

भारत-अमेरिका ट्रेड डील की पर्चियां जलाएंगे
करनाल (रवि भाटिया):भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने किसानों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि 12 फरवरी को दोपहर बाद प्रदेश की सभी ग्राम इकाइयां अपने-अपने खेतों पर पहुंचकर हमारा खेत, हमारा अधिकार अभियान के अंतर्गत विरोध प्रदर्शन करेंगी। यह विरोध प्रदर्शन देश भर की ट्रेड यूनियनों, श्रमिक संगठनों, किसान संगठनों, कर्मचारी संगठनों द्वारा सामूहिक रूप से आयोजित किया जा रहा है जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा भी भाग ले रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने कहा कि कृषि क्षेत्र देश की रीढ़ है और किसी भी प्रकार का भारत-अमेरिका के बीच कृषि समझौता जो किसानों के हितों को प्रभावित करता हो उसे बिना किसानों की सहमति स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी के विरोध में किसान अपने खेतों पर एक पर्ची लेकर एकत्रित होंगे। जिस पर भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता स्पष्ट रूप से लिखा होगा उसे जलाएंगे। रतनमान ने बताया कि निर्धारित समय पर किसान उस पर्ची की होली जलाकर प्रतीकात्मक रूप से अपना विरोध दर्ज करेंगे। यह कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण, संगठित और अनुशासित तरीके से किया जाएगा।
स्मरण रहे कि कल मंगलवार को दिल्ली स्थित कान्स्टीटयूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत व युद्धवीर सिंह सहित अन्य उपस्थित किसान नेताओं द्वारा अमेरिक भारत ट्रेड डील के विरोध में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया था।

इसी क्रम में हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने हरियाणा के किसानों से यह अपील की है। रतनमान ने कहा कि यह केवल एक दिन का विरोध नहीं, बल्कि किसानों की जागरूकता और अधिकारों की रक्षा का व्यापक अभियान है। उन्होंने आगे कहा कि यदि कृषि से जुड़े निर्णय किसानों की राय के बिना लिए जाएंगे तो उसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और गांव की आत्मनिर्भरता पर पड़ेगा। किसान अपने खेत, अपनी फसल और अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने सभी जिला एवं ग्राम इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि वे अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करें। विरोध कार्यक्रम की फोटो एवं संक्षिप्त विवरण अपने-अपने प्रदेश अध्यक्ष तथा संगठन के कार्यालय को अनिवार्य रूप से भेजा जाए, ताकि प्रदेश स्तर पर इसकी रिपोर्ट तैयार की जा सके। उन्होंने अपील की कि वे 12 फरवरी को अपने-अपने खेतों पर पहुंचकर इस अभियान को सफल बनाएं और किसान एकता का परिचय दें।

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Mazdoor Morcha
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