फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सैनिक कॉलोनी की ग्रीन बेल्ट तक बेच खाने का आरोपी राकेश धुन्ना यहां के शिव मंदिर को भी निजी जागीर समझने लगा है। मंदिर कमेटी की अध्यक्ष मोनिका भाटिया और उनकी मां को शिवरात्रि वाले दिन धुन्ना ने लगुए भगुए पुलिस वालों की मदद से मंदिर से धक्के मार कर बाहर कर दिया। अपमान से बुरी तरह आहत मोनिका और उनकी मां अब धुन्ना की सच्चाई समाज के सामने लाने में जुट गई हैं। सैनिक कॉलोनी के भव्य शिव मंदिर में प्रति सप्ताह दान और चढ़ावे के रूप में बहुत मोटी रकम आती है। कॉलोनीवासियों के अनुसार हींग लगे न फिटकरी वाली इस मोटी रकम को हथियाने के लिए राकेश धुन्ना अनैतिक-अवैध ढंग से इस पर कब्जा बरकरार रखना चाहता है। यही कारण है कि उसने मंदिर प्रबंधन में अपने चेले चपाटे लगा रखे हैं, आरोप तो यहां तक हैं कि मंदिर का मुख्य पुजारी ऐसे तामसिक प्रवृत्ति वाले व्यक्ति को बनाया गया है जिसे आरती तक याद नहीं, मोबाइल में पढ़ कर आरती-पूजा करता है।
मंदिर की कमाई हड़पने के इरादे से धुन्ना ने सोसायटी के पैन नंबर पर ही मंदिर का बैंक खाता खुलवाया। चर्चा है कि चेली अंजू चौधरी को मंदिर में अहम पद दिलवा कर उसकी मिलीभगत से धुन्ना ने 2018 में मंदिर के खाते से 14 लाख 85 हजार रुपये निकलवा लिए, कहने को यह लोन था लेकिन आज तक न तो इसका ब्याज दिया गया न ही मूल रकम लौटाई गई। धुन्ना की इन काली करतूतों पर अंकुश लगाने के लिए कॉलोनी की शिवभक्त मोनिका भाटिया आगे आई। उन्होंने मंदिर का पंजीकरण कराया और उसके नाम से ही बैंक अकाउंट खुलवाया, सारा लेनदेन पारदर्शी रखने का प्रयास किया। धुन्ना मंदिर की मोटी कमाई ऐसे ही कैसे हाथ से नहीं निकल जाने दे, लिहाजा अक्तूबर 2024 में असिस्टेंट रजिस्ट्रार सोसायटीज एआर प्रवीण कादियान से मिलीभगत कर मंदिर का रजिस्ट्रेशन रद्द करवा दिया और दानपेटियां भी सील करवा दीं। धुन्ना की नीयत तो दानपेटी की मोटी रकम ऐंठने की थी तो उसने एआर प्रवीण कादियान को रात में बुलवा कर दानपेटी तुड़वा दी।
हालांकि, एआर प्रवीण कादियान न तो दान पेटियां सील करने का अधिकार रखता है न ही उन्हें तुड़वाने का लेकिन धुन्ना का पालतू पिल्ला होने के कारण उसने यह सब अवैध कार्य किए। दरअसल, प्रवीण कादियान को लगता है कि राकेश धुन्ना सत्तापक्ष के केंद्रीय मंत्री गूजर और विधायक धनेश अदलखा का खास है इसलिए उस पर कोई आंच नहीं आएगी। हालांकि बताया जा रहा है कि मोनिका भाटिया द्वारा दी गई शिकायत पर स्टेट रजिस्ट्रार ने प्रवीण को इस काम के लिए खासी लताड़ लगाई थी, मामला अभी विचाराधीन है। देखना है कि स्टेट रजिस्ट्रार नियमों के अनुसार फैसला सुनाते हैं या फिर गूजर-अदलखा के दबाव में आकर धुन्ना एंड कंपनी का साथ देंगे।
मंदिर प्रबंधन के नाम पर मोनिका और राकेश धुन्ना के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। सबको मालूम है कि शिवरात्रि पर मंदिर में कई लाख रुपयों का चढ़ावा आता है। ऐसे में मोनिका भाटिया शिवरात्रि पर बीते रविवार को सुबह से ही मंदिर पहुंच गई थीं, लूट कमाई में बाधा बनती देख राकेश धुन्ना ने सैनिक कॉलोनी चौकी की पुलिस खास कर महिला पुलिस को इशारा कर मंदिर में भजनों पर नाच रही मोनिका और उनकी मां को बाहर निकलवा दिया। मोनिका का आरोप है कि विरोध करने पर पुलिस ने उनसे अभद्रता की। हालांकि, चौकी इंचार्ज नीरज कुमार का कहना है कि शिवरात्रि के दिन मंदिर में अराजकता की स्थिति रोकने के लिए उन्होंने मां-बेटी को मंदिर से बाहर निकाला था, सवाल यह उठता है कि भक्ति में लीन मोनिका और उनकी मां मंदिर में अराजकता कैसे फैला रही थीं? इसका जवाब पुलिस के पास नहीं है क्योंकि वह तो धुन्ना की आंखों से देख रहे थे। धुन्ना और पुलिस की ज्यादती का मोनिका ने वीडियो बनाना चाहा तो जबरन उनके मोबाइल बंद करवा दिए गए। हालांकि यदि मंदिर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांची जाए तो दोषी और निर्दाेष सब सामने आ जाएंगे।
बताया जा रहा है कि मोनिका को धुन्ना की करतूतों की गहराई तक जानकारी है, इस डर से धुन्ना उन्हें रास्ते से हटाना चाहता है। कॉलोनीवासियों के अनुसार धुन्ना ने कॉलोनी के लोगों के नाम 16 फ्लैट कैंसिल करके बहुत मोटी रकम पर अन्य लोगों को अलॉट कर दिए थे। धुन्ना की करतूत के खिलाफ पुराने फ्लैट मालिक कोर्ट चले गए, विचाराधीन होने के कारण नए लोगों की फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं हो सकी। नए लोगों का पक्ष कोर्ट में रखने के लिए धुन्ना ने उनसे भी दस से बारह लाख रुपये अतिरिक्त ऐंठ लिए। चर्चा तो यह भी है कि इस पैसे से धुन्ना ने पूर्व मंत्री सीमा त्रिखा के लिए उसके घर के सामने एक अन्य फ्लैट या जमीन खरीद कर दी। पीडि़त लोग इंसाफ पाने के लिए त्रिखा से लेकर कृष्णपाल गूजर तक के दरवाजे खटखटाते रहे लेकिन धुन्ना की पंजीरी खाए होने के कारण इन नेताओं के मुंह से बोल नहीं फूटे। सैनिक कॉलोनी को निजी जागीर समझ कर कोई भी फ्लैट कैंसिल या री-अलॉट करने में माहिर धुन्ना का सत्ताधारी भ्रष्टों के साथ मजबूत गठजोड़ है, तो वह चाहे मंदिर के दान की रकम हड़पे या बेच दे, उसका बाल भी बांका नहीं होगा।