फरीदाबाद (मजदूर मोर्चा) पलवल के उपायुक्त हरीश कुमार शर्मा ने अपने कार्यालय को घूसखोरी की दुकान में परिवर्तित कर दिया है, यह आरोप पलवल बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान दीपक चौहान ने पत्रकार वार्ता बुलाकर खुलेआम लगाया है। उन्होंने प्रमाण होने का दावा करते हुए कहा कि डीसी पलवल ने घूस मांगने व लेकर उन तक पहुंचाने का कार्य अपने कार्यालय अधीक्षक डोरीलाल को सौंप रखा है। उन्होंने बताया कि उनके एक वकील साथी से गन लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए सीधे ही पचास हजार रुपए मांग लिए गए। दीपक चौहान ने पत्रकारों से कहा कि डीसी पलवल ने अपने मातहत कर्मचारियों के लॉग इन व पासवर्ड अपने पास रखे हुए हैं जिनमें मोटी घूस मिलती है तथा गन लाइसेंस के लिए आठ लाख रुपए तक की रिश्वत डोरी लाल के माध्यम से वसूली जाती है।
आरोप लगाया कि अपने राजनीतिक जुगाड़ से पशु चिकित्सक से भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी बने हरीश कुमार शर्मा की खुलेआम घूसखोरी के कारण ही जिले के अन्य सभी कार्यालयों में घूसखोरी के बिना कोई काम ही नहीं होता है चाहे कोई कहीं भी कितनी भी शिकायत कर ले। डी सी कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि इस प्रेस कांफ्रेंस के तुरंत बाद हरीश कुमार शर्मा ने अपने कुछ विश्वस्त कर्मचारियों को पत्रकारों को मैनेज करने के लिए लगाया है ताकि यह मामला आम जन तक न पहुंचे, अधिकतर अखबारों के पत्रकार बिक गए और किसी भी अखबार में इतनी महत्वपूर्ण खबर छपी ही नहीं। सूत्रों ने यह भी बताया कि डीसी ने दीपक चौहान व कुछेक वकीलों को मनाने के लिए अपने विश्वस्त कर्मचारियों को लगाया तथा रात को ही अपने निवास पर बुलाकर अपनी लॉग इन से साल भर से घूस की आस में रोके हुए कामों का तुरंत निपटारा किया। सूत्रों ने बताया कि जो पत्रकार उनके भ्रष्टाचार को उजागर करता है डीसी के चेलों द्वारा उसके विरुद्ध फर्जी केस दर्ज करवा दिया जाता है।