चुनाव जितवाया है, कूड़ा तो डलवाना ही पड़ेगा

चुनाव जितवाया है, कूड़ा तो डलवाना ही पड़ेगा
March 02 17:24 2025

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) प्रतापगढ़ में नागरिकों के भारी विरोध के बावजूद दो साल से चल रहा नगर निगम का कूड़ा डंपिंग ग्राउंड चुनाव के मद्देनजऱ भाजपा नेताओं ने बंद करवा दिया था। चुनाव समाप्त होते ही वहां फिर से कूड़ा डाला जाने लगा है। इससे प्रतापगढ़, सेक्टर 56 और 56 ए वासियों को फिर से परेशानी हो रही है। परेशानी झेल रहे अधिकतर लोगों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर व अन्य भाजपा नेताओं द्वारा डंपिंग यार्ड हटवाए जाने का वादा किए जाने पर ही उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को वोट देकर जिताया था। जीतने के बाद भाजपाई मंत्री-विधायक वादा पूरा नहीं कर रहे हैं।

बंधवाड़ी में कूडे के पहाड़ खत्म किए जाने के एनजीटी के आदेश के बाद से नगर निगम ने केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर के इशारे पर रिवाजपुर, प्रतापगढ़, समयपुर और करनेरा में कूड़ा डंपिंग यार्ड बनाने का फैसला लिया था। भयंकर विरोध के कारण केंद्रीय मंत्री को रिवाजपुर में मुंह की खानी पड़ी थी और वहां डंपिंग यार्ड नहीं बन सका था। प्रतापगढ़ में भी डंपिंग यार्ड बनाए जाने का विरोध शुरू हुआ लेकिन यहां के लोगों ने सत्ता यानी केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर की मदद से इसे हटाए जाने का विकल्प चुना। जिस कृष्णपाल गूजर ने ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे में मोहना पर कट उतरवाने का झूठ बोल कर अपनी जमीन के पास कट उतरवाया था, उसने लोकसभा चुनाव करीब आते ही आठ महीने से धरने पर बैठे प्रतापगढ़ वालों को वहां डंपिग यार्ड नहीं बनाए जाने का झूठा आश्वासन दिया।

2024 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव आ गए, इधर गूजर जी आश्वासन देते रहे और उधर डंपिंग यार्ड में ट्रॉमल मशीन आदि लगाई जाती रही, यह बात और है कि ट्रॉमल मशीन की स्थापना में भी लाखों की बंदरबांट हुई। मंत्री के आश्वासन से लहालोट प्रतापगढ़ और आसपास के लोगों ने लोकसभा चुनाव में गूजर को जमकर वोट दिए।
इसके बाद विधानसभा चुनाव आए, रिश्ते में भांजे लगने वाले सतीश फागना से एक कीला जमीन उपहार में लेकर टिकट दिलवाने वाले मंत्री गूजर ने उन्हें जिताने का पूरा जोर लगा दिया। विधानसभा चुनाव में गूजर और सतीश फागना ने जनता के बीच जाकर कहा कि हमें जिताओ हम इसे यानी प्रतापगढ़ डंपिंग यार्ड को हटाएंगे। जानकारों के अनुसार मंत्री ने अपने प्रभाव से वहां कूड़ा डलवाना भी बंद कर दिया। बस फिर क्या था, प्रतापगढ़, सेक्टर 56, 56 ए और आसपास वाले भाजपा प्रत्याशी को वोट देने टूट पड़े।

चुनाव खत्म हुआ और दिसंबर तक सरकार पूरी तरह सेट हो गई तो नगर निगम ने प्रतापगढ़ में फिर से कूड़ा डालना शुरू कर दिया। वोट की कुल्हाड़ी अपने पैर पर ही मारने वाले प्रतापगढ़ और आसपास के लोगों को अब चोट का अहसास हो रहा है। ये लोग डंपिंग यार्ड बंद कराने के लिए मंत्री गूजर और विधायक फागना के चक्कर तो लगा ही रहे हैं सीएम विंडो पर भी शिकायत की गई लेकिन कुछ हो नहीं रहा। स्थानीय निवासी दीपक पंचाल ने बताया कि डंपिंग यार्ड बनने के बाद से दो साल में इलाके में कई लोग कैंसर का शिकार हो चुके हैं। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। बदबू के कारण रहना मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि यदि सरकार डंपिंग यार्ड नहीं हटवा सकती तो यहां एक श्मशान बनवा दे ताकि मरने के बाद अंतिम संस्कार के लिए दूर न जाना पड़े।

लोगों का कहना है कि यदि सरकार यहां से डंपिंग यार्ड नहीं हटाती तो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की जाएगी। प्रतापगढ़ वालों को समझना चाहिए कि सत्ता से गलबहियां करके कोई विरोध नहीं होता, इसका सबसे बड़ा उदाहरण रिवाजपुर गांव के लोग हैं। मंत्री कृष्णपाल गूजर ने धमकी तक दे डाली थी लेकिन वो लोग टस से मस नहीं हुए, आखिर में मंत्री को झुकना पड़ा था। इसके विपरीत आप लोग मंत्री को खुश रखते हुए धरना देते रहे। मंत्री की खुशी के लिए आपने धरना खत्म किया, वोट देकर जिताया तो अब उनकी खुशी के लिए डंपिंग यार्ड का भी आनंद लीजिए। अनिश्चितकालीन धरना देने से नहीं बल्कि जनहित के लिए संवैधानिक ढंग से सत्ता का विरोध कर उसे अपनी मांगे मानने को मजबूर करने से लक्ष्य हासिल होता है।

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Mazdoor Morcha
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