बल्लबगढ़ (मज़दूर मोर्चा) झूठ बोलने व जुमलेबाजी में माहिर हरियाणा की भाजपा सरकार यूं तो अपने पूरे कार्यकाल में बे-सिर-पैर की घोषणाएं करती रही है, परन्तु चुनाव सिर पर आने पर तो इन घोषणाओं की रफ्तार बेतहाशा बढ़ जाती है।
मोहना रोड पर एलिवेटेड सड़क ‘बनाने, बल्लबगढ़ से पलवल तथा $फरीदाबाद से गुडग़ांव की मैट्रो रेल ‘चलाने के बाद अब बल्लबगढ़ स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर मौजूदा चार लेन के आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) को सात लेन का करने की घोषणा, राजमार्ग प्राधिकरण ने की है। दिल्ली से आगरा तक चार लेन के राष्ट्रीय राजमार्ग को छ: लेन के करने का ठेका करीब 14 वर्ष पूर्व देश के एक बड़े ठग अनिल अम्बानी को दिया गया था। ठेका देने के बाद से वह हजारों-करोड़ का टोल-टैक्स वसूल चुका है। नि:संदेह इस लूट में उच्चाधिकारियों और राजनेताओं की भी हिस्सेदारी रही होगी। सवाल यह पैदा होता है कि जब राजमार्ग को चौड़ा करने का काम शुरू हुआ तो बल्लबगढ़ के इस आरओबी को क्यों चौड़ा नहीं किया गया? जाम की भयंकर स्थिति बनने के बाद ही इसकी जरूरत क्यों समझ में आई? वैसे बीते तीन-चार सालों से समय-समय पर केन्द्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर तथा स्थानीय विधायक इसको चौड़ा करने की घोषणाएं करते रहे हैं। आचार संहित लगने के बाद सरकार ने एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) द्वारा घोषणा करवाई है कि इस आरओबी को चौड़ा करने का टेंडर जारी कर दिया गया है और जल्द ही काम शुरू हो जायेगा। वास्तव में इस घोषणा का मतलब यह है कि शहर की जनता यह मान ले कि भाजपा सरकार ने आरओबी को चौड़ा करा दिया है, इसलिये चुनाव में वोट इन्हीं को देना चाहिये। यह रहस्य किसी से छिपा नहीं है कि टेंडर जारी होने के बाद भी वर्षों-वर्षों तक काम शुरू नहीं होता और शुरू हो भी जाये तो पूरा नहीं होता। इसका जीता-जागता उदाहरण मंझावली स्थित यमुना पुल मौजूद है। ऐसे में जनता को सरकारी घोषणाओं के भुलावे में आने की बजाय अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिये।