चुनाव आयोग के दम पर नायब सैनी कर रहे एकतरफा जीत के दावे

चुनाव आयोग के दम पर नायब सैनी कर रहे एकतरफा जीत के दावे
March 03 12:13 2025

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) विपक्षी दल चुनाव आयोग पर सत्ता पक्ष के हित में काम करने के जो आरोप लगाते रहे हैं, लगता है कि राज्य चुनाव आयोग उन पर अपनी मुहर लगाने जा रहा है। इस चुनाव में ईवीएम के साथ वोटर वेरिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। यानी वोटर को सिर्फ इतना पता चलेगा कि उसने जो बटन दबाया है उसके सामने की बत्ती जल गई लेकिन वोट किस प्रत्याशी को पड़ा, वह नहीं जान पाएगा।

संदर्भवश सुधी पाठकों को बताते चलें कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मतगणना के दौरान रैंडम रूप से पांच प्रतिशत ईवीएम व वीवीपैट निकाल कर उनके वोटों की गिनती और मिलान करने का आदेश जारी किया हुआ है। हालांकि मोदी-शाह की गोद में बैठे चुनाव आयोग ने लोकसभा व विधानसभा चुनावों में भी इस व्यवस्था का मजाक ही बनाया था। अब तो वीवीपैट का दिखावा भी दूर कर दिया गया है। निकाय चुनाव के एक मास्टर ट्रेनर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस चुनाव में क्योंकि वीवीपैट का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा इसलिए फार्म 17 सी ड्रॉप कर दिया गया है।

लोकसभा चुनाव और हरियाणा व महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों पर बारीकी से नजर रखने वाले लोगों का कहना है कि राज्य चुनाव आयोग ने जो व्यवस्था की है उसके आधार पर ही मुख्यमंत्री नायब सैनी स्थानीय निकाय चुनाव में एकतरफा जीत के दावे कर रहे हैं। वोटर तो केवल मतदान करेंगे बाकी काम ईवीएम का होगा, जहां गड़बड़ होगी तो दस दिन में वहां की मशीनों को अपने माफिक करने का समय भी मतगणना के लिए रखा गया है। ऐसे में यदि नायब सैनी की बात सच हो तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

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Mazdoor Morcha
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