छात्राओं की फीस हड़पने वाले प्रिंसिपल छतरपाल को बचाने में जुटा शिक्षा विभाग

छात्राओं की फीस हड़पने वाले प्रिंसिपल छतरपाल को बचाने में जुटा शिक्षा विभाग
December 23 05:35 2024
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा)  बल्लबगढ़ राजकीय कन्या विद्यालय की बारहवीं कक्षा का परीक्षा शुल्क लेकर फरार हुए प्रिंसिपल छतरपाल को सजा दिलाने के बजाय शिक्षा विभाग बचाने में जुट गया है। छतरपाल के रिश्तेदारों ने छात्राओं का परीक्षा शुल्क विभाग में जमा करवा दिया था, बताया जा रहा है कि प्रिंसिपल की ओर से बकाया लेट फीस भी जमा करवा दी गई है जिसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने बल्लबगढ़ थाने में प्रिंसिपल के खिलाफ दी गई शिकायत वापस ले ली है।

छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और सरकारी धन हड़पने वाले प्रिंसिपल छतरपाल के खिलाफ पुलिस में दी गई शिकायत वापस क्यों ली गई यह समझ से परे है। उसके द्वारा पैसा जमा करवा देने से उसका गुनाह खत्म नहीं हो जाता। ऐसा भी नहीं है कि यह छतरपाल द्वारा किया गया पहला कांड है। इससे पहले भी उस पर स्कूल के कंसोलिडेटेड चिल्ड्रेंस वेलफेयर फंड सीसीसीएफ और चाइल्ड वेलफेयर फंड के करीब सवा दो करोड़ रुपये खुर्द-बुर्द करने का आरोप है। छात्राओं ने नवंबर में ही परीक्षा फीस जमा कर दी थी, स्कूल में फीस दिए जाने के साथ ही यह सरकारी संपत्ति हो गई। सरकारी धन को छतरपाल डकार गया । तीन दिसंबर की अंतिम तिथि तक भी जब छात्राओं के फार्म जमा नहीं हुए तो मामला खुला। तब तक छतरपाल फोन बंद कर फरार हो चुका था। छात्राओं का भविष्य अंधकार में डालने और सरकारी धन की अमानत में खयानत करने के बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तक करना उचित नहीं समझा। बताया जा रहा है कि छतरपाल के रिश्तेदारों ने और बाद में उसने शुल्क और जुर्माने की राशि करीब दस लाख रुपये जमा करवाई। पैसा मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी ने छतरपाल को मानो क्लीनचिट् दे दी और पुलिस में दी गई शिकायत वापस ले ली गई। यदि केस दर्ज करा आरोपी को जेल भेजा जाता तो भविष्य में कोई दूसरा शिक्षक इस तरह की धोखाधड़ी करने की हिम्मत नहीं कर पाता।

इसके विपरीत शिक्षा विभाग ने कुछ नहीं किया। जिस छतरपाल ने छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ किया वह फिर उसी स्कूल में किस मुंह से प्रिंसिपलशिप निभाएगा, छात्राओं का सामना कैसे करेगा। आदर्श शिक्षक की छवि को बुरी तरह गंदा कर चुका भ्रष्ट छतरपाल बच्चों को क्या पाठ पढ़ाएगा, यह बात शिक्षा विभाग को समझनी चाहिए। छतरपाल को सजा न देकर भ्रष्ट अधिकारियों को बढ़चढ़ कर भ्रष्टाचार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ऐसे में शिक्षा मंत्री ढांडा इस विभाग को भ्रष्टाचार से मुक्त कर पाएंगे, लगता नहीं।
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Mazdoor Morcha
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