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राजनीति

छबई की मरहूम बेटी का एकमात्र जिंदा बचा बेटा उनकी जिन्दगी का सहारा है जिसके शरीर पर चर्मरोग हो गया है। सांप की केंचुल सा दिखने वाला ये रोग बढ़ता ही जा रहा है और न जाने किस दिन छबई के अंतिम सहारे को भी लील ले।

 मोदी-योगी के संसदीय क्षेत्रों में भी भाजपायी रामराज्य झूठ का पुलिंदा बना उज्ज्वला और आयुष्मान हैं भ्रष्टाचार की सरकारी महामारी की चपेट में ग्राउंड जीरो से विवेक कुमार की रिपोर्ट 

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ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोडऩे का मतलब…

  संजय कुमार सिंह ज्योतिरादित्य अगर सिर्फ कांग्रेस छोड़ते तो यह माना जा सकता था कि पार्टी में उनकी उपेक्षा हो रही थी और पर्याप्त सम्मान नहीं मिल रहा था

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रियाणा विद्युत प्रसारण निगम ने भी 1000 करोड़ रुपये कर्मचारियों के भविष्य निधि के इस बैंक में जमा करवा दिये। हिमाचल प्रदेश ने भी कई सौ करोड़ रुपये इस बैंक में जमा करवाये।

यस बैंक-खाय गोरी का यार बलम तरसे पिछले दिनों बदनाम हुए ‘यस बैंक’ के बारे में रोज नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। पहली तो यही थी कि बैंक की

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इस वर्ष 2394 करोड़ के वारे न्यारे;  पार्षद ने निगम को बार-बार लूटा जाने वाला सोमनाथ का मंदिर बताया

नगर निगम का बजट बना जन-धन लूटने का परमिट फरीदाबाद (म.मो.) बजट पास कराने की मजबूरी में सात माह बाद बुलाई गयी सदन की बैठक में लगभग सभी  पार्षदों ने,

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दिल्ली नरसंहार…आरएसएस का गुजरात मॉडल नंबर 2 राजधानी में भीषण रक्तपात के लिए दक्षिणपंथी संगठन संघ का नाम लोगों ने खुलकर लिया है

मजदूर मोर्चा ब्यूरो नई दिल्ली: दिल्ली में हुए साम्प्ररदायिक नरसंहार में अभी तक 46 लोग मारे जा चुके हैं, सैकड़ों लोग घायल हैं और बड़ी तादाद में लोग गायब हैं।

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मोदी राज में गरीब छुपाओ और गरीब हटाओ तक पहुँच गया है ‘विकास’….

विवेक कुमार की ग्राउंड रिपोर्ट  मोदी के हर भारतवासी को पक्का मकान देने के वादे पर खट्टर सरकार का बुलडोजर चलते-चलते रह गया। फऱीदाबाद की झुग्गी-बस्ती प्रेम नगर-पटेल नगर, जो

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आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने दी सीएए-एनआरसी को चुनौती

फरीदाबाद: हरियाणा के जाने-माने आईएएस अशोक खेमका ने भारत सरकार के नागरिकता पंजीकरण रजिस्टर (एनआरसी) और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को चुनौती दी है यानी उन्होंने सीधे भारत सरकार को

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नागरिकता संशोधन कानून पर जनमत संग्रह है दिल्ली का नतीजा…

|महेंद्र मिश्र दिल्ली के चुनाव की वस्तुगत विश्लेषण की जरूरत है। जिस चुनाव में देश की सबसे मजबूत केंद्रीय सत्ता ने अपने सभी कैबिनेट मंत्रियों को उतार दिया हो। जिसके

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2020 इंडियन इकनॉमी के डिजास्टर का साल है…

गिरीश मालवीय पहले एलआईसी को बेचने के लिए आईपीओ और अब एक बार फिर से एफआरडीआई बिल को लाने की बात करना, यह स्पष्ट कर देता है कि आने वाले

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