चंडीगढ़ (म.मो.) राज्य भर की शिक्षा का बेड़ा गर्क करने में जुटे शिक्षा निदेशालय की वर्ष के आखिरी महीने के आखिरी सप्ताह में नींद खुली तो उसने तमाम शिक्षकों की
रोहतक (म.मो.) राज्य के मेडिकल छात्रों व जनता के हितों को ताक पर रखते हुए खट्टर अपनी बॉन्ड नीति पर पूरी बेशर्मी से डटे हुए हैं। उन्हें इस बात की
करनाल (म.मो.) प्रदूषण को लेकर अब तक पराली जलाने के नाम पर किसानों के पीछे पड़ी थी सरकार। प्रदूषण का सारा दोष पराली के धुंए से बताया जा रहा था।
चंडीगढ़ मज़दूर मोर्चा ब्यूरो जनता को लूटने का कोई भी सम्भव प्रयास खट्टर महाशय छोडऩे को तैयार नहीं है। अभी तक आवासीय क्षेत्रों में कोई भी व्यापारिक गतिविधि नहीं की
सोचा था आज कंप्यूटर और उंगलियों दोनों को पूरा आराम दूंगा। बस पढ़ूंगा पर जब तक घृणा आराम नहीं करती, लगता है, हमें भी आराम नसीब नहीं। खबर यह है
राम पुनियानी आदिवासी इलाके देश के सबसे गरीब क्षेत्रों में शामिल हैं और पिछले दो दशकों में वहां आदिवासियों के विरुद्ध हिंसा में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों से
करनाल, कांग्रेस के जिला संयोजक त्रिलोचन सिंह ने कहा कि मुख्यमन्त्री की नगरी करनाल मे पार्को को बेचने का सरकारी निर्णय शर्मनाक है। सरकार इतनी कंगाल हो चुकी है कि
चण्डीगढ़ (म.मो.) 45 साल पहले मंत्री सुषमा स्वराज और चीफ मिनिस्टर देवीलाल भी आमने सामने हुए थे। क्या इतिहास दोहराया जा रहा है ? तब देवीलाल ने फरीदाबाद में एक
गुडग़ांव (म.मो.) भाजपा की कृपा से बने उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला अपनी ‘जेजेपी’ का जनाधार बढाने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। इसी प्रयास में वे 30 नवम्बर को, शहर से
रोहतक करनाल (म.मो.) खट्टर की जनविरोधी, विशेषकर मेडिकल शिक्षा विरोधी नीति के विरोध में छात्रों का आन्दोलन एक माह की सीमा पार कर चुका है। छात्रों द्वारा दी गई चेतावनी