फरीदाबाद (म.मो.) शहरवासियों को आवागमन की सुविधा के लिये सरकार द्वारा हमेशा ही बसों की व्यवस्था की जाती रही है। वर्ष 1970 में डीटीसी द्वारा बाटा चौक, केसी सिनेमा व दशहरा
फरीदाबाद (म.मो.) देश भर में फैले किसान आन्दोलन द्वारा संघियों/भाजपाईयों का हिंदू बनाम मुस्लिम प्लेटफार्म ध्वस्त कर दिये जाने के बावजूद कुछ संघी हुड़दंगी हिन्दू-मुस्लिम विवाद खड़े करके दंगे भड़काने
फरीदाबाद (म.मो.) बहुत समय नहीं हुआ जब इस पुल की मरम्मत के लिये इसे यातायात के लिये बंद कर दिया था। उस वक्त पुल के तमाम सस्पेंशन ज्वाइंट खडख़ड़ा गये
फरीदाबाद (म.मो.) हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी, यूथ ऑफ यूनिवर्स और लीसंग इन्टरनेशनल के सांझे प्रयास से फरीदाबाद के लम्बे साहित्यिक सांस्कृतिक सन्नाटे को एक शानदार अन्दाज़ में पूर्णतया झंकृत कर
फरीदाबाद (म.मो.) जनता को बेवकूफ बनाने के लिये जहां केन्द्र में मोदी सरकार वहीं हरियाणा में खट्टर सरकार जनहित कार्यों के नाम पर केवल कामों का उद्घाटन व शिलान्यास करते
गांव खेड़ीकला, थाना बीपीटीपी में 90 वर्षीया शांति देवी गाय को रोटी खिला कर पुण्य कमाने के चक्कर में बेमौत मारी गयी। दरअसल शहर के मुहल्ले दर मुहल्ले घूमती भूखों
फरीदाबाद (म.मो.) अनंगपुर गांव के 30 वर्षीय अमित भड़ाना के लापता होने के 13 दिन के बाद ग्रामीणों को 28 अक्तूबर को पता लगा कि उसका शव उनके ही क्षेत्र
फरीदाबाद (म.मो.) सुप्रीम कोर्ट के एक इशारे पर खोरी गांव के बीसियों हज़ार गरीब मज़दूरों को उजाडऩे में खट्टर सरकार को कानून व्यवस्था की कतई कोई दिक्कत नहीं आई क्योंकि
फरीदाबाद (म.मो.) शहर भर में शराब बिक्री के अवैध केन्द्रों से यूं तो हर मुहल्ले के लोग परेशान रहते हैं, लेकिन थाना एसजीएम नगर की आदर्श कॉलोनी के निवासी आज
निगमायुक्त यादव व मंत्री विज खामोश बने हुए हैं फरीदाबाद (म.मो.) नगर निगम में हरामखोरी व रिश्वतखोरी अब कोई खबर नहीं रह गई है, खबर तो अब यह है कि