फरीदाबाद (म.मो.)। जुर्म और फरीदाबाद आपस में पर्याय बनते जा रहे हैं। इसका ताजातरीन उदहारण सेव फरीदाबाद संस्था से जुड़े समाजसेवी, वरिष्ठ अधिवक्ता व जेजेपी पार्टी के पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ
मजदूर मोर्चा ब्यूरो राज्य औषधि नियंत्रक पंचकूला द्वारा मेट्रो हॉस्पिटल फरीदाबाद को ब्लड बैंक वायलेशंस के चलते एक्ट धारा 122-ओ के तहत कारण बताओ नोटिस 2022/671 दिनांक 28.1.2022 को जारी
11 फरवरी, 2022 को न्यायमूर्ति अजीत सिंह बैंस (सेवानिवृत्त) के आकस्मिक निधन ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के बीच एक शून्य पैदा कर दिया है। वे जीवन के 100 वर्ष पूरा होने
फरीदाबाद (म.मो.) बीते करीब दो माह से एनआईटी के विभिन्न क्षेत्रों में मुकेश अंबानी की जीओ कंपनी व एयरटेल वाले ऑप्टिकल फाईबर लाइन बिछाने में जुटी हैं। जाहिर है यह
फरीदाबाद (म.मो.) सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़े व निर्माण तो धड़ाधड़ हो रहे हैं, लेकिन नगर निगम का बुलडोज़र केवल उन गरीब लोगों पर ही चल पाता है जो ज़मीन
फरीदाबाद (म.मो.) नगर निगम कंगाल क्यों न हो जब अफसरों से लेकर नेता तक इसे कंगाल करने में जुटे हों। निगम के कर्मचारी रेवेन्यू एकत्र करते हैं और वे उसमें
फरीदाबाद (म.मो.) थाना एनआईटी क्षेत्र में स्थित गांधी कॉलोनी निवासी करीब 40 वर्षीय सुशीला 9 फरवरी को प्रात: 6 बजे काम पर जा रही थी तो गली किनारे धरती पर
फरीदाबाद (म.मो.) ‘मज़दूर समाचार’ के नाम से सोशल मीडिया पर मज़दूरों के मसले उठाने वाले नरेश कुमार को मुजेसर पुलिस ने 10 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया। नरेश व्हर्लपूल फैक्ट्री
विमल भाई फरीदाबाद में 123 इलाके पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम 1990 (पीएलपीए) के अंतर्गत आते हैं। किंतु ऐसा क्या कारण है कि बार-बार सिर्फ और सिर्फ खोरी गांव के लोगों
फरीदाबाद (म.मो.) नगर निगम द्वारा हजारों करोड़ का बजट डकारना प्रार्याप्त नहीं लगा तो सरकार ने इस शहर में स्मार्ट सिटी के नाम पर अलग से हजारों करोड़ रुपया झोंक