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लेख

जग हंसाई कराने वाली मशीन

राकेश अचल किसी को अनुमान भी नहीं था की एक मशीन एक महान नेता की जग हंसाई की वजह बन सकती है,लेकिन मशीन तो मशीन है, कभी भी धोखा दे

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भारत के 98 अरबपतियों के पास 55.5 करोड़ लोगों के बराबर संपत्ति, 84 प्रतिशत परिवारों की आय घटी: ऑक्सफैम रिपोर्ट

डॉ. सिद्धार्थ जहां एक ओर आरएसएस-भाजपा ने पूरे देश में एक धार्मिक उन्मादी माहौल खड़ा करके लोगों को हिंदू-मुसलमान में बुरी तरह उलझा दिया है, वहीं दूसरी तरफ देश के

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योगी के लिए कांटों से भरा है खुद की सीट जीतने से लेकर पूर्वांचल का रास्ता

जितेंद्र उपाध्याय देवरिया/गोरखपुर। भाजपा ने गोरखपुर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विधान सभा चुनाव लडऩे का एलान कर पूर्वांचल की राजनीति का केंद्र अब इसे बना दिया है। अपनी जीत

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जयंती पर विशेष : आज अगर विवेकानंद होते तो उन्हें भी हिंदू विरोधी करार दे दिया जाता!

अनिल जैन हर देश-काल में ऐसी विभूतियां हुई हैं, जिन्हें बहुत छोटा जीवन मिला, लेकिन छोटे से जीवनकाल में ही उन्होंने अपने समय के समाज में हलचल पैदा करने का

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मोदी की सुरक्षा नहीं, महाबली की छवि खतरे में थी

विकास नारायण राय 2001 में गुजरात भुज भूकंप के तीसरे दिन ही तत्कालीन प्रधानमन्त्री अटल बिहारी वाजपेयी वहां के दौरे पर गए। सब कुछ, सुरक्षा व्यवस्था भी, अस्त-व्यस्त, और तत्कालीन

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‘आधार’ को वोटर कार्ड से जोडऩे की जल्दी

बीजेपी सरकार ने ‘आधार’ को वोटर कार्ड से जोडऩे का कानून पास कर दिया। लोकसभा में यह कानून बिना किसी बहस के आनन-फानन में कृषि कानूनों की तरह सोमवार को

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भारतीय कृषि के खिलाफ साम्राज्यवादी साजिश को शिकस्त

रवींद्र गोयल भारतीय किसानों ने मोदी सरकार को तीनों कृषि कानून वापिस लेने को बाध्य कर दिया। ये किसानों की जीत न केवल दुनियाके पैमाने पर अनोखी जीत है बल्कि

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पढ़ाई के नाम पर सिर्फ सर्वे और सख्ती के नाम पर पढ़ाई ही बंद

विवेक कुमार विवेक मैं आपसे आधे घंटे में बात करूँ, अभी क्लास को पढ़ा रहा हूँ। आधे घंटे बाद कॉल करने पर भी जवाब मिला कि विवेक मैं शाम को

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संविधान दिवस और मौलिक अधिकार- दृष्टिकोण का सवाल

रवींद्र गोयल 26 नवम्बर को देश में संविधान दिवस बड़े जोर शोर से मनाया गया। 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान के उस प्रारूप को स्वीकार किया था,

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जब लोग स्वयं ही धर्म के नाम पर शिकार होना चाहते हों तो पाखंडी क्यों न शिकार करें

नीलिमा झा पिछले कई वर्षों से ‘मज़दूर मोर्चा’ के लिये कार्यरत हैं। मौजूदा लेख के द्वारा वे बता रही हैं कि किस तरह से धर्म एवं स्वर्ग-नरक के नाम पर

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