फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) बल्लबगढ़ मिल्क प्लांट रोड स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल प्रबंधन स्कूल के बगल में खाली पड़ी करीब एक कीला सरकारी जमीन को स्कूल बसें खड़ी करने के लिए बरसों से इस्तेमाल कर रहा है। हाल ही में स्कूल प्रबंधन ने इस जमीन की एंगल, बांस-बल्लियों से घेराबंदी कर आम आदमी के आने जाने पर भी जबरन रोक लगा दी है। स्कूल की मनमानी से तंग आकर आरटीआई एक्टिविस्ट अनुराग गर्ग ने खोजबीन शुरू की तो निगम के भ्रष्ट अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन की मिलीभगत का खेल सामने आया।
बल्लभगढ़ निवासी अनुराग गर्ग द्वारा नगर निगम से मांगी गई जानकारी में बताया गया कि उक्त जमीन नगर निगम ने 1989 में बीएसएनएल को 65 लाख रुपये में बेच दी है, इस पर निगम का मालिकाना हक नहीं रह गया है। इस पर उन्होंने दिसंबर 2024 में सेक्टर 15ए स्थित बीएसएनएल कार्यालय से जानकारी मांगी। बीएसएनएल की ओर से जानकारी दी गई कि टेलीफोन एक्सचेंज की स्थापना के लिए नगर निगम को 65 लाख रुपये भुगतान कर वहां जमीन खरीदी गई थी लेकिन 250 वर्ग गज जमीन कम होने के कारण बीएसएनएल ने कब्जा लेने से इनकार कर दिया था। तब निगम अधिकारियों ने 250 वर्ग गज जमीन मिलाकर पूरी करने के बाद ही कब्जा देने का आश्वासन दिया था 35 साल से अधिक समय बीत चुका है लेकिन आज तक कब्जा नहीं दिया गया। बीएसएनएल की ओर से लगातार पत्राचार कर नगर निगम से पूरी जमीन उपलबध कराने की मांग की जाती रही है, लेकिन निगम अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
इस बीच वहां डीएवी पब्लिक स्कूल प्रबंधन ने स्कूल बसों की पार्किंग शुरू कर दी जो बीते तीन साढ़े तीन दशक से जारी है। सूत्र बताते हैं कि स्कूल की इस पार्किंग के लिए निगम के अधिकारी स्कूल से अच्छी खासी रकम वसूलते हैं, जिसकी न तो कोई रसीद दी जाती है और न ही निगम के खाते में यह रकम जमा कराई जाती है। बीते तीन दशक से यह पार्किंग निगम अधिकारियों की कमाई का जरिया बनी हुई है, यही कारण है कि शिकायत किए जाने पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
गर्ग के अनुसार दिसंबर 2024 में बीएसएनएल के तत्कालीन डीजीएम बलवंत राय ने इस जमीन के संदर्भ में नगर निगम के अधिकारियों से फिर संपर्क साधा था लेकिन वहां से उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला। निगम अधिकारी बीएसएनएल को इस जमीन के बदले कहीं और जमीन देने की बात कर रहे हैं। नगर निगम में अंदरखाने चर्चा यह भी है कि यदि बीएसएनएल इस जमीन को छोड़कर कहीं दूसरी जगह लेने को तैयार हो जाता है तो नगर निगम ऑन रिकॉर्ड इस बेशकीमती जमीन को सर्किल रेट पर बेचेगा, जबकि अधिकारी खरीदार से बाजार कीमत वसूल कर बढ़ी रकम आपस में हजम कर जाएंगे।
बताते चलें कि वर्तमान में इस जमीन की कीमत कई करोड़ रुपये हो चुकी है। हालांकि बीएसएनएल खुद अपनी संपत्तियां बेच कर धन इकट्ठा कर रहा है लेकिन वह इस बेशकीमती जमीन को छोड़ कर कहीं दूर औने पौने दाम वाली जमीन लेकर घाटे का सौदा करेगा ऐसा लगता नहीं है। दूसरे, नगर निगम के पास इस इलाके में इतनी बड़ी जमीन बची ही नहीं है जो वह बीएसएनएल को दे सके।
इस सबके बीच डीएवी पब्लिक स्कूल प्रबंधन ने इस जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। अनुराग गर्ग ने स्कूल से भी बात की तो प्रिंसिपल नमिता ने बताया कि स्कूल ने इस जमीन के इस्तेमाल के लिए शासन-प्रशासन से किराए पर देने का आवेदन किया है, हालांकि प्रिसिंपल ऐसा कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाईं। चर्चा है कि इस बेशकीमती जमीन को स्कूल प्रबंधन कब्जे में लेना चाहता है, इसके लिए निगम के भ्रष्ट व खाऊ अधिकारियों का साधने के प्रयास भी लगातार जारी हैं।
अनुराग का कहना है कि सरकारी जमीन होने के कारण इस मामले की जानकारी नगर निगम, बीएसएनएल के साथ ही जिला प्रशासन को भी है। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त करन सिंह भगोरिया ने स्पष्ट कहा कि नगर निगम अपनी जमीन किसी को भी किराए पर नहीं देता, न ही सरकारी जमीन इस तरह किराए पर देने का प्रावधान है। उन्होंने तब इस जमीन को अवैध कब्जा मुक्त करा कर तार फेंसिंग कराने का आदेश जारी करने की बात कही लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, हां डीएवी स्कूल वालों ने जरूर बाड़बंदी कर आम लोगों का प्रवेश रोक रखा है। उन्होंने सेक्टर 12 लघु सचिवालय परिसर में फरवरी में लगे समाधान शिविर में भी शिकायत दी थी। एसडीएम बल्लबगढ़ शिखा ने जमीन को कब्जा मुक्त कराए जाने का आश्वासन दिया लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अनुराग गर्ग अब वह मु यमंत्री नायब सैनी को शिकायती पत्र भेज कर बीएसएनएल की जमीन मुक्त कराए जाने की मांग करने जा रहे हैं।