ग्रेटर फरीदाबाद स्थित ओमेक्स स्पा विलेज सोसाइटी में फरीदाबाद का प्रबुद्ध वर्ग सेव फरीदाबाद संस्था व जिला बार एसोसिएशन के मंच पर संगठित हुआ। पूरे शहर में खासकर ग्रेटर फरीदाबाद में बढ़ते अपराध और आम नागरिकों के साथ हो रहे मार पिटाई के मामलों को संज्ञान में लेते हुए शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता व अभिभावक एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष ओपी शर्मा, पद्मश्री डॉक्टर ब्रह्म दत्त, बार असोसिएशन के सेक्रेटरी संदीप पाराशर, सेव फरीदाबाद के अध्यक्ष पारस भारद्वाज, पाल्म रेजीडेंसी की आरडब्लूए अध्यक्ष किरण दूबे, अधिवक्ता दिनेश भारद्वाज, ओमेक्स स्पा विलेज आरडब्लूए के सेक्रेटरी उमेश वशिष्ठ, अधिवक्ता दिनेश भारद्वाज व वेलफेयर कमेटी ग्रेफा के अध्यक्ष रमेश गुलिया ने शहर की बिगड़ती कानून व्यवस्था और समाज के सकारात्मक योगदान पर अपने विचार रखे।
बैठक में मुख्य रूप से पुलिस द्वारा पीडि़त पर फैसले का दबाव बनाये जाने, अपराधी के समर्थन में क्रॉस एफआईआर दर्ज कराने और नेताओं द्वारा पुलिस पर बिना जांच किये फैसले का दबाव बनाने की कठोर निंदा की गयी और लोगों को यह विश्वास दिलवाया गया कि भविष्य में सेव फरीदाबाद संस्था और जिला बार एसोसिएशन संगठित रूप से इन सब कुरीतियों के विरुद्ध मुस्तैदी से कार्य करेगी।
ओपी शर्मा ने कहा कि ज्यादातर गुंडा तत्व सत्ताधारी नेताओं से संरक्षण प्राप्त है और राजनैतिक आकाओं की इच्छा से फरीदाबाद शहर अपराध का पर्याय बनता जा रहा है जिसकी वजह से अराजकता की स्थिति बनती जा रही है। उन्होंने बताया कि कानूनी दायरे में रह कर एक मजबूत लड़ाई लड़ी जा सकती है बशर्ते कि समाज अपराधियों के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा रहे और पीडि़त के हौसले को टूटने ना दे।
सेव फरीदाबाद के अध्यक्ष पारस भारद्वाज ने कहा कि किसी भी समाज का निरंतर विकास करने के लिए समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण होना अत्यंत आवश्यक है। पुलिस प्रशासन के साथ साथ समाज का भी कर्तव्य है कि वह शहर को नकारात्मक शक्तियों से मुक्त करने व फरीदाबाद को फिर से न्यूनतम अपराध वाले शहर की श्रेणी में लाने में मदद करे। पारस का कहना था कि इस अपराध का मूल कारण सोसाइटीज के रखरखाव, सुरक्षा मुहैया कराने के कार्य इत्यादि में अच्छे खासे पैसे का जुड़ा होना है जिसकी ठेकेदारी सत्ता पक्ष के नेता अपने चहेतों को दिलवाना चाहते हैं। यदि कोई समाजसेवी व्यक्ति इस कार्य में बाधा बनता है या सत्ता पक्ष के गुर्गों की कार्यशैली पर प्रश्न उठाता है तो उसको भरपाई अपने हाथ पैर तुड़वा कर करनी पड़ती है।
पद्मश्री डॉक्टर ब्रह्म दत्त ने समाज को आरटीआई और चौकी थानों में आम नागरिकों के अधिकारों के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी दी तथा सेव फरीदाबाद संस्था के साथ मिलकर जागरूकता फैलाने का आवाहन किया।
किरण दूबे ने अपने वक्तव्य में बताया कि अपने राजनैतिक हितों को साधने के लिए सत्ताधारी नेता स्थानीय समस्याओं को जान बूझ कर उलझा देते हैं और परिणाम स्वरूप असामाजिक घटनाओं में इजाफा हो रहा है। स्थानीय जनता निरन्तर शोषण का शिकार हो रही है,और अब जनता में असंतोष बढ़ रहा है। डर है कि अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए तो बाहर से आकर बसे सक्षम, महत्वाकांक्षी,ऊर्जावान,मेधावी लोग इस क्षेत्र से पलायन करने लगेंगे। घटना हो जाने के बाद मोमबत्तियां जलाकर प्रदर्शन व विरोध करने की बजाय चौकी थानों और कचहरी में पीडि़त का साथ देना चाहिए, ताकि वह खुलकर अपने खिलाफ हुए अपराध से लड़ सके।
संदीप पराशर ने यह विश्वास दिलवाया कि फरीदाबाद जिला बार एसोसिएशन केवल कोर्ट तक सीमित नहीं है और समाज के साथ कानून व्यवस्था बनाये रखने में हर संभव प्रयास करेंगे। अधिवक्ता दिनेश भारद्वाज ने कहा कि फैसले करने का काम न्यायालय का है पुलिस थानों का नहीं।
सेव फरीदाबाद संस्था एक विशेष कार्यक्रम के तहत समाज में कानून और अधिकारों की जागृति का कार्य करेगी और इसके लिए एक टीम का गठन भी किया जा चुका है। बैठक में राजेश कुमार, राजीव भारद्वाज, शैरी सक्सेना, बृज मोहन शर्मा , इंद्रा कोठरी, उमेश प्रभाकर, सेवानिवृत्त विंग कमांडर सतिंदर दुग्गल , विकास मदान, जयंत मोहंती, नरवीर यादव , अरुण भारतीय ,सुरेंदर कोठारी, तारकेश्वर पांडेय , विनोद चंदीला, श्री राम गुज्जर, नरेश पाठक, केतन सूरी, अशोक मेहता , बीके सिंह व शहर के अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।