पलवल। बिगड़ती कानून व्यवस्था के साथ बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली से जूझ रही जनता को बहलाने के लिए बीते मंगलवार को पलवल में ग्रीवांस कमेटी की बैठक का पाखंड किया गया। राज्य की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान व आयुष मंत्री आरती यादव की अध्यक्षता वाली जिस ग्रीवासं कमेटी की बैठक के लिए सारा प्रशासनिक अमला झोंक दिया गया उसमें महज 13 शिकायतें आईं उनमें से अधिकतर का निपटारा भी नहीं हो सका। बैठक में अवैध कब्जा, पेयजल आपूर्ति जैसी गैर जरूरी शिकायतें सुन रहीं स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री आरती यादव को बदहाली और बदनामी झेल रहे अटल बिहारी बाजपेयी मेडिकल कॉलेज का जरा भी ख्याल नहीं आया। स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री होने के बावजूद उन्हें अपने विभाग के लिए नासूर साबित हो रहे अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज का दौरा नहीं किया। बैठक में मौजूद पलवल विधायक रघुवीर तेवतिया भी टूटी सड़कों की शिकायत करते रहे लेकिन क्षेत्र के लिए बहुत जरूरी मेडिकल कॉलेज का उन्हें भी कोई ख्याल नहीं आया। जानकार मामते हैं कि स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते मेडिकल कॉलेज की दुर्दशा की जानकारी आरती यादव को बहुत अच्छी तरह से है लेकिन वह भी संघ-भाजपा की असफलता पर चुप्पी साधने और छोटी सी भी सफलता का ढिंढोरा पीटने की रीति नीति पर चल रही हैं। यदि मेडिकल कॉलेज जातीं तो वहां की बदहाली भी सामने आती जो उनकी और सरकार की बदनामी की वजह बनती। इसीलिए आरती यादव ने जानबूझ कर अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज को भूलना बेहतर समझा।