करनाल। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रवंधक के पूर्व प्रधान जगदीश सिंह झिंडा ने कहा है कि अंग्रेजों के जमाने के बने सिख गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी के एक्ट में संसोधन होना चाहिए। इस मांग को लेकर उन्होंने अकाल तख्त के जत्थेदारों तथा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान तथा समिति को पत्र दिया हैं। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों को सरकार सरकारी नियंत्रण से मुक्ति दे। इसके अलावा उन्होंने चार साहब जादों के शहादत दिवस को बीर बाल दिवस मनाने के केंद्र सरकार के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार को चार साहेबजादों का शहादत दिवस मनाने में क्या आपत्ति हैं। वह डेरा कार सेवा करनाल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। राजनैतिक दल धार्मिक स्थलों पर कब्जा करने के लिए साजिश रच रहे हैं।
केंद्र में भाजपा सरकार इससे अछूती नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी सरकारों से एक कदम आगे भाजपा चल रही हैं। भजपा अपने लोगों को गुरद्वारों के प्रबंधन में शामिल करवा कर पिछले दरबाजे से कब्जा करना चाह रही हैं। उन्होंने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के 41 सदस्यों की सूची अकाल तख्त और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पास स्वीकृति के लिए भेजी हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने पत्र के माध्यम से एसजीपीसी सं मांग की है कि वह केंद्रीय गंह मंत्री को पत्र लिख कर उनसे शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अधिनियम में संशोधन करने की मांग करे। नए प्रावधानों के अनुसार केंद्र सरकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करे। एसजीपीसी की बैठक की अध्यक्षता डीसी की बजाए कमेटी का प्रधान करे।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान पद पर महंत कर्मजीत सिंह के चयन का विरोध नहीं किया। सरकार द्वारा गठित कमेटी में प्रथम गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लिए संघर्ष करने वाले चार सदस्य ही हैं। उन्होंने सदस्यता से इस्तीफा दे दिया हैं। एक सवाल के जबाब में उन्होंने धार्मिक स्थलों तीर्थ स्थानों को पर्यटन स्थल बनाने के सरकार के निर्णय का विरोध किया। हरियाणा का सिख समुदाय सम्मेद शिखर के मुद्दे पर जैन समाज के साथ हैं। उन्होंने अपनी तथा अपने समर्थकों की तरफ से जैन समाज द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का समर्थन किया।
एक सवाल के जबाब में बताया कि मुख्यमंत्री ने एचएसजीपीसी एक्ट में कमेटी पर संरक्षक बनाए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों का सरपरस्त केवल एक ही श्री गुरुग्रंथ साहेब ही हैं। जब खालसा पंथ की स्थापना हुई थी तभी से हमारा सरपरस्त श्री गुरुग्रंथ साहेब ही हैं। सरकार सिखों की आसथको ठेस पहुंचा रही है। इस अवसर पर उनके साथ जोगेन्दर सिंह, जसबीर सिंह,शुभेख सिंह, तथा आलमतजीत सिंह ने भी जानकारी दी।