फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा)— फरीदाबाद में काम की तलाश में आई एक विवाहित महिला के साथ जबरन दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना को हुए दो हफ्तों से ज़्यादा समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पीडि़ता का आरोप है कि पुलिस ने न केवल कार्रवाई में लापरवाही बरती, बल्कि उसके मोबाइल का डेटा भी डिलीट कर दिया और मामले को दबाने का प्रयास किया। यह मामला फरीदाबाद की अनखीर चौकी का है, जहां 26 अक्टूबर 2025 को पीडि़ता ने अपने साथ हुए दुष्कर्म की शिकायत दी थी। दरअसल, पीडि़ता अपने पति के साथ गांव तिलपत में एक किराए के मकान में रहती है। दंपति मूल रूप से मीरगंज (बरेली, उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं और फरीदाबाद आए उन्हें कुछ ही दिन हुए थे। पति राजेश नारियल पानी बेचने का काम करता है, जबकि पीडि़ता घरेलू काम की तलाश में थी।
पीडि़ता के अनुसार, उसने अपनी पड़ोसन से काम ढूँढने में मदद मांगी। वह महिला घरों में सफाई का काम करती थी और उसने पीडि़ता को एक मोबाइल नंबर देकर कहा कि ‘इस नंबर पर फोन कर लेना, काम मिल जाएगा।’ नंबर मिलाते समय पीडि़ता से गलती हो गई और कॉल किसी अनजान व्यक्ति को लग गई। फोन उठाने वाले ने अपना नाम राज बताया। पीडि़ता ने कहा कि उसे किसी और से बात करनी थी, लेकिन राज ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उसे काम दिला सकता है।
कुछ दिन बाद, 25 अक्टूबर को, जब पीडि़ता ने दोबारा राज को फोन किया, तो उसने अगले दिन मिलने को कहा। 26 अक्टूबर 2025 को दोपहर करीब 2 बजे पीडि़ता फरीदाबाद के एशियन हॉस्पिटल के बाहर पहुँची, जहां राज अपनी कार में मौजूद था। उसने पीडि़ता से कहा कि वह काम की जगह दिखाने के लिए उसके साथ चले। राज पीडि़ता को सेक्टर-21 सी स्थित एक मकान में ले गया। वहां पहुँचकर उसने कहा कि ‘यहीं तुम्हें सफाई करनी है।’ जैसे ही पीडि़ता ने काम शुरू किया, आरोपी ने पीछे से उसे पकड़ लिया और उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। विरोध करने पर उसने जान से मारने की धमकी दी और दुष्कर्म किया।
किसी तरह पीडि़ता वहां से भागकर सड़क पर आई। रास्ते की जानकारी न होने के बावजूद वह एक फूलों की दुकान तक पहुँची और 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को बुलाया। पुलिस मौके पर पहुंची और पीडि़ता को साथ लेकर आरोपी के घर गई। आरोपी राज को गिरफ्तार कर अनखीर चौकी लाया गया। वहाँ मौजूद एएसआई महिला पुलिसकर्मी सुमन ने उसका बयान लिया और उसे मेडिकल जांच के लिए भेजा। लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने पीडि़ता का पुलिस पर से भरोसा तोड़ दिया। उसका आरोप है कि चौकी में पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया और लगभग तीन घंटे बाद जब वापस किया तो फोन का सारा डेटा डिलीट था। पूछने पर उसे डांटकर कहा गया कि ‘हमने शिकायत दर्ज कर ली है, अब जाओ।’ पीडि़ता और उसके पति का कहना है कि मामले की जांच कर रही एएसआई सुमन ने उन्हें ले-देकर मामला रफा-दफा करने की सलाह दी। जब दंपति ने इनकार किया, तो उन्हें कहा गया कि हम जांच कर रहे हैं, अभी चले जाओ।
27 अक्टूबर को जब दंपति दोबारा चौकी पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि उनकी शिकायत पर बीएनएस की धारा 69 के तहत एफआईआर नंबर 614 दर्ज कर ली गई है। जिसकी प्रति भी उन्हें दी गई और बताया गया कि फिलहाल राज को छोड़ दिया गया है, जांच जारी है। ध्यान रहे कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 धोखाधड़ी या शादी के झूठे वादे के माध्यम से यौन संबंध बनाने से संबंधित है, जिसमें 10 साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है। यदि यह अपराध बलात्कार की श्रेणी में आता है तो सजा और भी सख्त होती है। इस संवाददाता ने मामले में जांच की जानकारी के लिए एएसआई सुमन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। 26 अक्टूबर 2025 को इस मामले की एफआईआर हुई थी, जिसे 15 दिन से अधिक हो चुके हैं। पुलिस की धीमी जांच के चलते आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहा है। गौरतलब है कि इस तरह का जघण्य अपराध करने वाले आरोपी को खुला नहीं छोड़ा जा सकता। पुलिस को उसे तुरन्त तलाश करके हवालात में बंद करना चाहिए था। लेकिन यहां तो खूद 112 नम्बर वाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके अनखीर पुलिस चौकी के हवाले किया था। यहां प्रश्न यह पैदा होता है कि चौकी पुलिस ने उसे छोडऩे की मेहरबानी किस किमत पर की?