फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) नगर निगम को अपनी मुट्ठी में बताने वाला और हरियाणा फार्मेसी काउंसिल में पांच करोड़ रुपये गबन करने का आरोपी धनेश अदलखा विधायक बनते ही बड़े हाथ मारने की अपनी पहले से तैयार शुदा योजनाओं को अमली जामा पहनाने में जुट गया है। शपथ ग्रहण करते ही उसने मुख्यमंत्री नायब सैनी को पत्र लिख कर एनआईटी दशहरा ग्राउंड से सैनिक कॉलोनी तक फ्लाईओवर बनवाने की मांग कर डाली। पिछले दस साल में डबल इंजन की सरकारों के मंत्री-विधायक, नेताओं ने सैकड़ों बार ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट का ढोल बजाया लेकिन आज तक वह शुरू नहीं हुआ, दस साल में मंझावली पुल बन कर तैयार नहीं हुआ, तो समझा जा सकता है कि धनेश द्वारा इस प्रोजेक्ट की मांग केवल जनता को वरगला कर सस्ती लोकप्रियता बटोरने से ज्यादा कुछ नहीं है।
झूठ-सच तो लेने वाला और देने वाला जाने, लेकिन चर्चा है कि धनेश अदलखा ने विधानसभा टिकट पाने और जीत सुनिश्चित करने के लिए अपने गुरू कृष्णपाल गूजर को 18 करोड़ रुपये भेंट किए थे, इसके अलावा पूर्व सीएम खट्टर को भी मोटा चढ़ावा चढ़ा कर सीमा त्रिखा को किनारे लगवाया था। चर्चा यह भी है कि विधानसभा चुनाव में धनेश ने वोट खरीदने के लिए करीब बीस करोड़ रुपये पानी की तरह बहाए हैं। समझा जा सकता है कि धनेश ने जन सेवा के लिए तो चालीस करोड़ नहीं खर्च किए होंगे। विधायक बन कर वह इसके कई गुणा ज्यादा नहीं वसूलेगा तो अगला चुनाव कैसे लड़ेगा।
यह किसी से छिपा नहीं है कि नगर निगम में पार्षद और वित्त कमेटी का सदस्य रहते हुए धनेश ने खूब लूट कमाई की, यहां तक कि उसका नाम दो सौ करोड़ के घोटाले, पचास करोड़ के घोटाले, एलईडी घोटाले में भी आया था। चुनाव जीतते ही उसने लूट कमाई के अपने चिर-परिचित महकमे नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की और मोटी कमाई का बेहतरीन साधन समझे जाने वाले सीवर सफाई, नाला सफाई, सड़क मरम्मत आदि के आदेश जारी किए। लूट कमाई के दूसरे सबसे बड़े महकमे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर जनता के लिए आने वाले तेल, राशन, नमक आदि डकारने पर अंकुश लगाने का पाखंड किया। जानकारों का मानना है धनेश ने जनता को दिखाने के लिए बैठकों का नाटक किया लेकिन सच्चाई यह है कि वह अधिकारियों को पिछले विधायकों से अधिक हिस्सापत्ती पेश करने का संदेश दे रहे थे।
सरकार के शपथग्रहण समारोह के दूसरे दिन यानी 18 अक्तूबर को सीएम सैनी को पत्र लिखकर बताया कि एनआईटी एक, दो, तीन व पांच नंबर के लोग जाम से परेशान हैं, इसका मुख्य कारण गुडग़ांव जाने वाला ट्रैफिक है। उन्होंने मांग की कि इस ट्रैफिक को शहर से जाने के लिए दशहरा ग्राउंड से सैनिक कॉलोनी तक एक एलिवेटेड रोड बना कर जाम की स्थिति से बचाया जाए। जानकार इसे भी अदलखा का सस्ती लोकप्रियता बटोरने का तरीका बता रहे हैं। सच्चाई ये है कि पिछले दस साल में भाजपा फरीदाबाद में कोई भी प्रोजेक्ट पूर्ण नहीं कर पाई है जिसे उपलब्धि के रूप में गिनाया जा सके। मंझावली पुल का हाल सबके सामने है, ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे भी डेडलाइन समाप्त होने के बाद भी बीस प्रतिशत ही बन सका है। बल्लभगढ़ रेलवे ओवर ब्रिज फोर लेन प्रोजेक्ट, मोहना रोड एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट भी इन्हीं में से एक हैं।
छांयसा का अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज हो या मेवला महराजपुर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्टाफ की कमी के कारण बेकार साबित हो रहे हैं। सेक्टर 16 ए का राजकीय नेहरू महाविद्यालय भवन का निर्माण कार्य बीते लगभग तीन साल से ठप्प पड़ा है। एनआईटी की सीवर लाइन डालने का काम हो या सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, डिस्पोजल बनाना कोई भी काम आज तक पूरा नहीं हुआ है। इनमें अधिकतर प्रोजेक्ट की घोषणा कर दी गई लेकिन किसी का बजट ही पास नहीं हुआ तो किसी प्रोजेक्ट के लिए आज तक जमीन का ही अधिग्रहण नहीं हुआ, कोई प्रोजेक्ट कागजों में ही फंस कर रह गया।
धनेश अदलखा को मालूम है कि उनकी मांग पूरी होना तो दूर इस पर विचार किया जाना भी मुमकिन नहीं है, लेकिन संभव है कि सीएम इसे सैद्धांतिक मंज़ूरी दे दें ताकि जिस तरह सीमा त्रिखा बडख़ल झील का ढिंढोरा पीट कर, केंद्रीय मंत्री मंझावली पुल का झुनझुना बजा कर और मूलचंद शर्मा बल्लभगढ़ रेलवे ओवरब्रिज के नाम पर जनता को वरगलाते रहे, उसी तरह धनेश भी इस एलिवेटेड पुल की मंजूरी के नाम पर बडख़ल की जनता को मूर्ख बनाता रहें।
जागरूक लोग इस मांग को जनता को धोखा देने वाला ही मानते हैं। लोगों का कहना है कि धनेश अदलखा को एसा लगता है कि बडख़ल की सारी समस्याएं दूर हो चुकी हैं और सारे विकास कार्य पूरे हो चुके हैं अब केवल एलिवेटेड रोड का निर्माण ही बचा है। उन्हें बचकाने काम करने की बजाय अपनी विधानसभा क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए। सड़क, बिजली, पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कराने के साथ ही जलभराव, चोक सीवर, बदबूदार पेजयल की आपूर्ति जैसी समस्याएं समाप्त करना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। पूरे एनआईटी क्षेत्र में रोजाना दर्जनों जगह जाम लगता है, यह जाम गुडग़ांव जाने वाले वाहनों से कहीं ज्यादा बड़ा होता है, विधायक को पहले इसे दूर कराने के उपाय तलाशने चाहिए। रही बात गुडग़ांव जाने वाले वाहनों का जाम लगने की तो लोगों का कहना है कि यदि इस पूरे मार्ग को चौड़ा किया जाए तो एलिवेटेड रोड जैसे खर्चीले प्रोजेक्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा दशहरा ग्राउंड से सैनिक कॉलोनी मोड़ तक अतिक्रमण, अवैध कब्जे हटवा दिए जाएं तो इस मार्ग पर जाम नहीं लगेगा। दशहरा ग्राउंड से ईएसआई चौक तक कई जगह सड़क पर अवैध कब्जे हैं। एनआईटी तीन आवासीय ब्लॉक है लेकिन ईएसआई चौक से तीन नंबर मस्जिद चौक तक जाने वाली सड़क पर आवासीय प्लॉटों में दुकानेें खोल दी गई हैं, इन दुकानों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, इनके सामने खड़े होने वाले वाहनों के कारण जाम लगता है। अवैध रूप से बनाई गईं ये दुकानें नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारियों की खाऊ शैली के कारण खुली हुई हैं। धनेश अदलखा यह सहज व्यवस्था लागू करवाने के बजाय करोड़ों रुपये का एलिवेटेड रोड बनवाने पर जोर देगा क्योंकि इस प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपयों के वारे न्यारे होने की संभावनाएं बनती दिखती हैं।